डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित कंप्यूटर केंद्र में एक मार्च से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत एक मार्च से चार कौशल विकास पाठ्यक्रमों का संचालन शुरू हो गया। इसमें वेब डेवलपर, डाटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर, जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन लर्निंग इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शामिल हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने शुक्रवार को सेठ पद्मचंद जैन संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में शुभारंभ किया। मंत्री व कुलपति ने 110 विद्यार्थियों को टैबलेट व स्मार्टफोन भी बांटे। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि पीएम उषा योजना के तहत विश्वविद्यालय को इस बार 20 करोड़ रुपये मिले हैं। उनका प्रयास रहेगा कि इस राशि को जल्द 100 करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाए। संचालन सेठ पदमचंद जैन संस्थान के निदेशक प्रो. ब्रजेश रावत ने किया।
कार्यक्रम समन्वयक प्रो. अनिल गुप्ता ने बताया कि कौशल विकास वाले पाठ्यक्रमों के लिए निर्धारित सभी 180 सीटें पहली बार में ही भर चुकी हैं। कार्यक्रम में प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा, कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश, प्रो. शरद चंद्र उपाध्याय, प्रो. भूपेंद्र स्वरूप शर्मा, प्रो. संतोष बिहारी शर्मा, प्रो. बिंदुशेखर शर्मा आदि की उपस्थिति रही।
इन कोर्स से मिलेगी सपनों को उड़ान
अगर आपको कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की जानकारी है तो आप सॉफ्टवेयर डेवलपर की पार्ट टाइम नौकरी आसानी से कर सकते हैं। इसमें आपको वेबसाइट बनाने, अपडेट करने या कोई एप बनाने का काम मिलेगा। एक घंटे के लिए 1000-1500 रुपए तक मिलते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन लर्निंग इंजीनियरिंग
एआई (AI) के प्रति लोगों की दिलचस्पी दुनिया में लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से इसकी डिमांड बढ़ी है, आने वाले समय में इसका वर्चस्व बढ़ता ही जाएगा। कुछ वर्षों में इसका दायरा कई गुना बढ़ने वाला है। अगर आईटी सेक्टर के क्षेत्र में कॅरिअर की राह ढूंढ रहे हैं तो एआई कोर्स आपके किस्मत को चमका सकता है।