05एमएनपी-05-शहर में नालों की सफाई करातीं चेयरमैन मनोरमा देवी
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मैनपुरी। दो बार टेंडर निरस्त होने के बाद अब नगर पालिका प्रशासन ने स्वयं ही नगर के नालों की सफाई का निर्णय लिया है। शनिवार को बुलाई गई बोर्ड की आपात बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब नगर पालिका प्रशासन ही बरसात से पहले शहर के नालों की सफाई कराएगा।
नगर पालिका प्रशासन पिछले एक महीने में दो बार नगर के नालों की सफाई के लिए टेंडर जारी कर चुका था। आवेदन केवल एक ही फर्म ने स्वीकार किया। लेकिन फर्म के पास न तो लेबर पंजीकरण का अभिलेख था और न ही सोलवेंशी। बरसात का समय नजदीक आने के चलते नगर पालिका प्रशासन के सामने चुनौती थी।
शनिवार की सुबह नगर पालिका की आपात बैठक बुलाई गई। जिसमें चेयरमैन मनोरमा देवी ने प्रस्ताव रखा कि दो बार टेंडर निरस्त हो चुका है अब इतना समय नहीं है कि फिर से टेंडर जारी किया जाए। इस पर बोर्ड के सदस्यों ने निर्णय लिया कि नगर पालिका स्वयं ही नालों की सफाई का कार्य करे। जिससे कि बरसात से पहले नालों की सफाई कराई जा सके। बोर्ड की बैठक में सर्व सम्मति से जब नगर पालिका प्रशासन से ही नालों की सफाई का प्रस्ताव पास हुआ तो तुरंत ही काम भी शुरू करा दिया गया। चेयरमैन मनोरमा देवी ने अधिशासी अधिकारी के साथ नगर के सिटी डाकघर और ज्योंती तिराहे से दो स्थानों पर लेबर लगाकर नालों की सफाई का कार्य शुरू करा दिया।
60 लाख की लागत से होगी 69 नालों की सफाई
अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका ने बताया कि शहर में 69 नाले हैं। नालों की सफाई के लिए पूर्व की बैठक में 60 लाख की धनराशि का प्रस्ताव पास किया गया था। उसी धनराशि से शहर के सभी नालों की सफाई 20 दिन के अंदर करा दी जाएगी। इसके लिए सारी तैयारियां कर ली गई हैं।
सभासद अपने वार्ड में करेंगे सफाई की निगरानी
बोर्ड की बैठक में फैसला लिया गया है कि सफाई कार्य समय से कराने के लिए सभी 32 वार्डों के सभासद अपने-अपने वार्ड में सफाई व्यवस्था की निगरानी रखेंगे। बैठक में अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका को नोडल अधिकारी नियुक्ति किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक वार्ड में वहां के सदस्य और सफाई इंस्पेक्टर सफाई व्यवस्था की निगरानी करेंगे।