ताजमहल के आसपास समुचित सफाई व्यवस्था न होने पर मंडलायुक्त अनिल कुमार ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने दशहरा घाट सहित स्मारक के आसपास न सिर्फ सफाई बल्कि छुट्टी पशुओं पर भी लगाम लगाने को कहा है।
उन्होंने कहा कि ताज के आस पास अगर शनिवार से गंदगी नजर आई तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। इसके साथ ही सिकंदरा से मथुरा की तरफ हाईवे पर घूमने वाले छुट्टी पशुओं को पकड़ने के लिए भी निर्देशित किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति कम मिलने पर भी असंतोष व्यक्त किया।
मंडलायुक्त की अध्यक्षता में शुक्रवार को कमिश्नरी सभागार में विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या को देखते हुए बंद पड़ी योजनाओं के संचालन के लिए निर्देशित किया है। गोशालाओं के अधूरे निर्माण को जल्द पूरा कराने को कहा है।
बैठक में जिलाधिकारी आगरा एनजी रवि कुमार, डीएम मथुरा सर्वज्ञराम मिश्रा, डीएम मैनपुरी प्रमोद कुमार उपाध्याय, अपर आयुक्त प्रशासन साहब सिंह, सीडीओ आगरा जे. रीभा, मथुरा सीडीओ श्रीराम नेवास, नगर आयुक्त मथुरा रविंद्र कुमार मांदड़, नगर आयुक्त फिरोजाबाद विजय कुमार आदि मौजूद थे।
चार विभाग के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा
मंडलीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते कमिश्नर अनिल कुमार
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लोक निर्माण विभाग, आवास विकास परिषद, वन और सिंचाई विभाग आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त जनशिकायतों का निस्तारण नहीं कर पा रहे हैं। इस पर मंडलायुक्त अनिल कुमार ने नाराजगी जताई है।
उन्होंने इन विभागों के संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने का आदेश दिया है। बैठक में पैक्सफेड के वरिष्ठ अधिकारी के बैठक में न उपस्थित रहने से स्पष्टीकरण तलब करने का आदेश दिया है। बैठक में गंगाजल, एक जनपद-एक उत्पाद, प्रधानमंत्री सम्मान निधि, फसल बीमा आदि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में से हटवाईं प्लास्टिक की बोतलें
मंडलायुक्त ने प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के लिए अधिकारियों को हिदायत दी है। इसकी शुरुआत उन्होंने अपने कार्यालय से ही की। मंडलीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों के सामने रखी गई पानी की बोतलों को हटवा दिया।
अधिकारियों को कांच के गिलास में पीने का पानी उपलब्ध कराया गया। मंडलायुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में किसी भी प्रकार की सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाएं। अधीनस्थ अधिकारियों को भी इसका उपयोग न करने के लिए निर्देशित करें।