ढाई वर्ष की आयु में ही मासूम लावण्या अनाथ हो गई।
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एक दिन पहले मायके से लौटी थी पत्नी
एक हफ्ते पहले पति से रूठकर बबली अपने मायके चली गई थी। वह मंगलवार को ही लौटी थी। बुधवार की सुबह ईश्वरी काम पर गया था। दोपहर बाद करीब तीन बजे वह काम से लौटा था। इसके बाद कुछ देर बाद घर में ढाई वर्ष की मासूम लावण्या के तेज आवाज में रोने की आवाज आई। वह मासूम बच्ची भले ही जीने-मरने के अंतर को न समझ सकती हो लेकिन उसकी रोने की आवाज सामान्य से अलग थी।
पिता बोले-सब कुछ तो ठीक चल रहा था
पड़ोसी बच्ची को उठाकर बाहर ले आए। इसकी सूचना पुलिस को परिजन को दी। सूचना पर ईश्वरी के पिता सुखीराम सहित घर व गांव के अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उधर सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करके जानकारी ली। बेटे और बहू ने आत्महत्या क्यों की इस पर पिता कुछ नहीं बता सके। उन्होंने कहा कि सब कुछ तो ठीक चल रहा था। फिर न जाने ऐसा कदम क्यों उठाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।