आगरा सहित कई राज्यों में एटीएम कार्ड क्लोनिंग की घटनाएं सामने आई हैं। आगरा में विगत वर्ष एक ऐसा शातिर पकड़ में आया था जिसने पांच सौ लोगों से अधिक क्लोन बनाकर लोगों को लाखों रुपये की चूना लगाया था। साइबर सेल में भी ऐसे मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। अब भारतीय स्टेट बैंक ने एप के माध्यम से रुपये निकालने की सुविधा शुरू की है।
एटीएम कार्ड क्लोनिंग की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर बैंक अब ऐसे एप मुहैया करा रहे हैं जिनकी मदद से बगैर कार्ड के ही एटीएम से पैसा निकाला जा सकता है।
भारतीय स्टेट बैंक के ऐसे ही एप का नाम है यू ओनली नीड वन (योनो)। खास बात यह है कि इसमें एटीएम मशीन से पैसा तभी निकलता है जब ग्राहक रजिस्टर्ड मोबाइल पर आया वन टाइम पासवर्ड स्क्रीन पर डाल दे। और भी कई बैंकों ने ऐसे एप ग्राहकों को दिए हैं।
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आप मोबाइल में योनो एप डाउनलोड कीजिए। कैश के विकल्प में जाइए। नेट बैंकिंग में आपको पास के एटीएम नजर आएंगे। आप एप में ही पिन बनाकर दर्ज कीजिए। रकम भरिए। इसके बाद आपको ट्रांजिक्शन नंबर मिलेगा।
एटीएम में एक बटन योनो कैश का लगा दिया गया है। इसे दबाइए। इसके बाद पिन डालिए। आपको आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर ओटीपी मिलेगा। इसे डालिए। रकम भरिए और कैश निकाल लीजिए।
नए एटीएम कार्ड में ओटीपी जरूरी
केनरा सहित कई बैंकों के नए एटीएम कार्ड से पैसा निकालने के लिए ओटीपी की जरूरत है। इन कार्ड से एटीएम से पैसा निकलने से पहले आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर ओटीपी आएगा। यह हर बार बदलेगा। आप इसे स्क्रीन पर डालेंगे। तभी कैश निकलेगा।
एटीएम क्लोनिंग के 22 मामले
साइबर सेल में एटीएम क्लोनिंग के 22 केस इसी साल आ चुके हैं। साइबर अपराधी एटीएम कार्ड के क्लोन बना देते हैं, पिन मालूम कर लेते हैं और फिर खातों से रकम निकाल लेते हैं।
साइबर सेल प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि एटीएम से पैसा निकालने के लिए आए बैंकों के एप एटीएम कार्ड के मुकाबले बेहद सुरक्षित हैं। ओटीपी होने से कार्ड क्लोनिंग का खतरा नहीं है।