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UP News: अधिवक्ता के भाई की मौत आखिर कैसे हुई? घरवालों को हत्या का शक, पुलिस नहीं कर रही जांच

Fri, 06 Sep 2024 08:26 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में अधिवक्ता के भाई की मौत के मामले में पुलिस गंभीर नहीं है। उसकी लाश चंबल में मिली थी। परिवार के लोगों को हत्या का शक है, वहीं पुलिस इस मामले में जांच भी नहीं कर रही है। 
 
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मृतक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के थाना फतेहाबाद के रहने वाले अधिवक्ता सत्यपाल गोस्वामी के लापता भाई जितेंद्र कुमार का शव 28 अगस्त को इटावा में चंबल नदी में मिला था। घरवालाें को हत्या का शक है। रिश्तेदार पर साजिश का आरोप है। पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर चुप बैठ गई। न तो केस दर्ज किया और न ही कोई जांच की। पिता प्रमोद कुमार ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में प्रार्थनापत्र देकर अपनी पीड़ा व्यक्त की।
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मोहल्ला मोती नगर काॅलोनी, बाह रोड, फतेहाबाद निवासी सत्यपाल गोस्वामी ने बताया कि पिता प्रमोद कुमार फतेहाबाद तहसीलदार के अर्दली हैं। छोटा भाई जितेंद्र कुमार घर के पास मोबाइल की दुकान चलाता था। उसकी शादी 22 अप्रैल 2016 को ग्वालियर निवासी रश्मि उर्फ शबनम से हुई थी। एक बेटा देवांश है। भाई की पत्नी 23 अगस्त की रात 12 बजे अपने परिजन के साथ मायके चली गई थी।

पत्नी के बुलाने पर जितेंद्र 24 अगस्त को घर से निकला। कहा कि पत्नी के घर जा रहा है। उसी दिन उसका मोबाइल बंद हो गया। 26 अगस्त को बेटे की गुमशुदगी थाना फतेहाबाद में दर्ज कराई गई। 28 अगस्त को इटावा के थाना बिठाैली की पुलिस ने परिजन को फोन किया। उन्होंने चंबल नदी में शव मिलने की जानकारी दी। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर शव की शिनाख्त जितेंद्र के रूप में की गई।

 

पिता ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत की। उन्होंने बेटे की हत्या में उसके रिश्तेदारों का हाथ होने का आरोप लगाया, इसके बाद भी केस दर्ज नहीं किया गया। अब दुबारा प्रार्थनापत्र दिया गया है। उधर, फतेहाबाद पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है। गुमशुदगी दर्ज है। मृतक की पत्नी ने भी ससुरालियों पर आरोप लगाए हैं। तथ्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

 
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साजिश के तहत हत्या का आरोप
सत्यपाल गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि जितेंद्र की साजिश के तहत हत्या की गई है। भाई की आखिरी लोकेशन भिंड की थी। उसकी हत्या के बाद लाश के तीन टुकड़े किए गए। शव को चंबल नदी में फेंक दिया गया। शव का कमर से नीचे का हिस्सा ही बरामद हो सका। बाकी कहां गए, कोई नहीं जानता। थाना फतेहाबाद में गुमशुदगी दर्ज के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई।
 
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