नवरात्र अभी आए नहीं, लेकिन आसमान से जून सरीखे अंगारे बरसने शुरू हो गए हैं। दिन के साथ रात में भी पारा सामान्य से ऊपर चल रहा है। शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस ऊपर दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक अप्रैल से जून तक इस साल रिकार्ड तोड़ गर्मी पड़ेगी और पारा सामान्य से एक डिग्री ज्यादा तो बना ही रहेगा। गर्म हवाओं के थपेड़ों की शुरूआत जल्द होने से अप्रैल, मई और जून की गर्मी पिछले सभी रिकार्ड तोड़ सकती है।
अप्रैल के नाम ये हैं रिकार्ड
सबसे गर्म दिन 28 अप्रैल 1979 46.5 डिग्री तापमान
सबसे ठंडी रात 6 अप्रैल 1995 10 डिग्री तापमान
सबसे ज्यादा बारिश 23 अप्रैल 1984 47.6 मिमी.
झुलसने को हो जाएं तैयार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र ने पहली बार अप्रैल से जून के लिए हॉट वेदर सीजन फोरकास्ट जारी किया है। इसके मुताबिक सामान्य से एक डिग्री पारा तो ज्यादा रहेगा ही। पिछले कई सालों के मुकाबले यह तीन महीने ज्यादा गर्म रहेंगे। शनिवार को पारा 40 डिग्री को पार कर गया, जो सामान्य से पांच डिग्री ऊपर है। जबकि न्यूनतम तापमान में भी 4 डिग्री का उछाल आया और यह 22 डिग्री तक पहुंच गया है। रविवार तक पारा दो डिग्री और बढ़ सकता है।
6 सालों में सबसे गर्म अप्रैल की शुरूआत
साल अधिकतम न्यूनतम
2 अप्रैल 2016 40.3 22.2
2 अप्रैल 2015 34.3 18.7
2 अप्रैल 2014 35 21
2 अप्रैल 2013 31.9 17.9
2 अप्रैल 2012 33.6 22.3
2 अप्रैल 2011 33 22
2 डिग्री ज्यादा गर्म रहे जनवरी-फरवरी
जनवरी और फरवरी के महीने में सर्दी बीते सालों के अनुकूल नहीं पड़ी। इस वजह से जनवरी में सामान्य से 1.53 डिग्री और फरवरी में 2 डिग्री ज्यादा तापमान दर्ज किया गया।
तीसरा सबसे गर्म साल रहा 2015
साल 2014 में कम बारिश और 2015 में सूखा पड़ने के कारण साल 2015 में सामान्य तापमान एक डिग्री से ज्यादा रहा। इस वजह से मौसम विभाग ने 1901 के बाद से रखे जा रहे रिकार्ड के मुताबिक साल 2015 को तीसरा सबसे गर्म साल घोषित किया है। साल 2015 के बाद साल 2016 में एल निनो इफेक्ट के कारण गर्मी यानी अप्रैल से जून तक तापमान एक डिग्री ज्यादा रहने का अनुमान मौसम विज्ञानियों ने लगाया है।