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डीएम की चेतावनी: मरीजों से मनमानी वसूली और भर्ती नहीं करने पर निरस्त होगा अस्पताल का पंजीकरण

Mon, 10 May 2021 12:04 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

शनिवार को 14 अस्पतालों ने शुल्क सूची चस्पा कर दी है। हालांकि खाली बेड का ब्योरा नहीं चस्पा किया है। डीएम प्रभु एन सिंह ने अन्य अस्पतालों को दो दिन में शुल्क सूची चस्पा करने की चेतावनी दी है।
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कोविड अस्पताल के गेट पर चस्पा सूची - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के कोविड अस्पतालों में मरीजों से मनमानी वसूली पर अंकुश लगेगा। 14 अस्पतालों ने शनिवार को शुल्क सूची चस्पा कर दी है। हालांकि खाली बेड का ब्योरा नहीं चस्पा किया है। डीएम प्रभु एन सिंह ने अन्य अस्पतालों को दो दिन में शुल्क सूची चस्पा करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि मरीजों से वसूली व भर्ती नहीं करने की शिकायत मिलने पर अस्पतालों का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा।

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कोविड मरीजों से उपचार के नाम पर एक-एक दिन में अस्पतालों में एक-एक लाख रुपये वसूली की शिकायतें सामने आने के बाद जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने शुक्रवार को अमित जग्गी, सफायर, उपाध्याय, पाठक हॉस्पिटल का निरीक्षण किया था। इनको 24 घंटे में इलाज की शुल्क सूची और खाली बेड का ब्योरा सार्वजनिक करने के निर्देश दिए थे। 

शनिवार को पांचों अस्पतालों ने शुल्क सूची चस्पा कर दी। श्रीकृष्णा हॉस्पिटल, रवि हॉस्पिटल, विम्स, श्री कृष्णा हॉस्पिटल, गोयल सिटी, ब्लॉसम हॉस्पिटल, एपेक्स समेत 14 अस्पतालों ने अपने नोटिस बोर्ड पर मरीजों के लिए इलाज की शुल्क सूची लगाई है।

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डीएम प्रभु एन सिंह ने कहा कि सभी अस्पताल खाली बेड, वेंटीलेटर का ब्योरा कंट्रोल रूम पर सुबह-शाम अपडेट करा रहे हैं, लेकिन उन्हें शुल्क सूची की तरह अस्पताल के बाहर भी सार्वजनिक करना अनिवार्य है। रविवार से सीएमओ की एक टीम ऐसे अस्पतालों की जांच करेगी। जहां शुल्क सूची और खाली बेड ब्योरा चस्पा नहीं होगा, उन अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अस्पतालों के पंजीकरण रद्द किए जा सकते हैं। 

आइसोलेशन में 10 हजार, आईसीयू में 18 हजार खर्चा
जिन अस्पतालों ने शुल्क सूची लगाई है उन्होंने आइसोलेशन वार्ड में प्रति दिन खर्च 10 हजार रुपये खर्चा बताया है। वेंटीलेटर बेड का 15 हजार रुपये और आईसीयू बेड 18 हजार रुपये का प्रति दिन खर्च होगा। इससे अधिक बिल बनने पर अस्पतालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी।

बेड खाली नहीं, मरीज भर्ती से इनकार
शाहगंज के राजेंद्र शर्मा ने बताया कि मेरे पिता को तीन दिन से बुखार है। सीटी स्कैन में फेफड़े खराब बताए हैं। तीन अस्पतालों में भर्ती के लिए उन्हें लेकर गया। तीनों ने बेड खाली नहीं होने की बात कह भर्ती से मना कर दिया।
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एसएन इमरजेंसी में नहीं किया भर्ती
अर्जुन नगर क्षत्रपाल चौधरी ने कहा कि मेरी मां को सांस लेने में तकलीफ है। शनिवार को एसएन इमरजेंसी गया तो वहां भर्ती नहीं किया। बोले कि सूरसदन चौराहे पर हॉस्पिटल है वहां भर्ती करा दो। यहां ऑक्सीजन नहीं आ रही।

नॉन कोविड अस्पतालों में हो रही लूट
दयालबाग के आशीष कुलश्रेष्ठ ने कहा कि न्यू आगरा स्थित नॉन कोविड अस्पताल में पांच दिन का बिल तीन लाख रुपये बनाया है। मरीजों को लूट रहे हैं। अस्पताल में सुविधाएं नहीं हैं। शिकायत की बात पर संचालक कहता है मुझे किसी का डर नहीं।
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