श्रीराम की बरात में शामिल होने वाले घोड़ों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गिरधारीलाल घोड़ी अस्तबल के निदेशक आर्यन अरोरा बताते हैं कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है, जिससे घोड़ों बरात के दौरान बजने वाली तेज धुनों से कोई परेशानी नहीं हो।
आगरा में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की बरात में शामिल होने वाले घोड़े ‘शहंशाह’ की इन दिनों अस्तबल में खातिरदारी बढ़ गई है। साथ ही अस्तबल में पहुंचे शहंशाह के नए साथी गुड्डू, पूजा, राम प्यारी, सुंदरी और वीरू को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राम बरात में चलने से पहले शहंशाह के नए साथियों को भजनों की तेज धुनों पर भी न भड़कने के लिए अभयस्त किया जा रहा है।
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गिरधारीलाल घोड़ी अस्तबल के निदेशक आर्यन अरोरा बताते हैं कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है, जिससे उन्हें बरात के दौरान बजने वाली तेज धुनों से कोई परेशानी नहीं हो। शहंशाह की डाइट भी पिछले 20 दिनों से बढ़ा दी गई है। पहले शहंशाह को हर रोज तीन किलो जौ, आधा किलो चना और एक किलो गुड़ दिया जा रहा था। इन दिनों प्रतिदिन चार किलो जौ, आधा किलो चना और एक किलो गुड़ दिया जा रहा है। साथ ही शहंशाह की रोज डेढ़ घंटा मालिश भी की जा रही है।
आतिशबाजी से परेशान न होने का प्रशिक्षण
गिरधारीलाल अस्तबल में घोड़ों के प्रशिक्षक खुर्शीद उस्मानी ने बताया कि आतिशबाजी के दौरान घोड़े बिदक जाते हैं। नए घोड़ों को इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अभ्यस्त किया जा रहा है कि बरात के दौरान जब उन्हें आतिशबाजी का शोर सुनाई दे, तो किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
बाहुबली थीम वाले रथ पर बैठेंगे राजा दशरथ
गिरधारीलाल चित्रशाला पर तैयार हो रहा राजा दशरथ का रथ इस बार रामभक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। चित्रशाला के प्रबंध निदेशक जितिन अरोरा ने बताया कि बाहुबली की थीम पर महाराज दशरथ का रथ तैयार किया जा रहा है।