पुलिस और प्रशासन की ढिलाई शुरु होते ही आगरा में हुक्का बार फिर से खुल गए हैं। इस बार इनके नाम बदले हुए हैं। कई ने जगह भी बदल ली है। इनमें ई-सिगरेट और फ्लेवर्ड हुक्का के नाम पर नशा कराया जा रहा है। इनके लिए अनुमति देने का कोई प्रावधान ही नहीं है। इसके बावजूद इन्हें बंद नहीं कराया जा रहा है।
आगरा के कमला नगर, बल्केश्वर में सबसे ज्यादा हुक्का बार हैं। इसके बाद सदर बाजार में। ताजगंज में मसाज पार्लर के साथ हुक्का बार चल रहे हैं। हुक्का बार में 10 दिन पहले तक जाते रहे बल्केश्वर के 22 वर्षीय युवक ने बताया कि इसका पता चलने पर उसके पापा ने सख्ती की, तब उसने जाना छोड़ा।
हुक्का बार में ई-सिगरेट के नाम पर नशा कराया जाता है। इसके लिए 300 रुपये प्रति घंटा चार्ज किए जाते हैं। पुलिस ने चार महीने पहले सदर और कमला नगर में हुक्का बार बंद कराए थे। कुछ दिन ये बंद रहे। अब फिर से खुले हैं।
सपा नेता के घर में चल रहा हुक्का बार
कमला नगर में एक हुक्का बार सपा नेता के घर में चल रहा है। इसके नाम में कॉफी जुड़ा है। पानी की टंकी के पास स्थित यह बार पहले बंद हो गया था। अब फिर से चालू हो गया है। इसी तरह सिटी मॉल में एक हुक्का बार चल रहा है। बल्केश्वर में चार हुक्का बार चल रहे हैं।
धीमी रोशनी में बनाते हैं धुएं के छल्ले
शहर में चल रहे हुक्का बार के कुछ नाम देखिए। विलेज, रूस, इलेवन टू इलेवन, स्काईलाइन नाम हैं। चाय और कॉफी के नाम के साथ भी हुक्का बार चलाए जा रहे हैं। इनमें युवक धीमी रोशनी के बीच मदहोश होकर धुआं उड़ाते हैं जिसके छल्ले बनकर हवा में तैरते हैं।
नशे की लत : चोरी तक कर रहे बच्चे
हुक्का बार में जाने के लिए रोज कम से कम 600-700 रुपये चाहिए। जो जाए, उसे लत लग जाती है। अब पैसा कहां से आए। सिकंदरा में चार महीने पहले छह घरों में चोरी होने पर पता चला कि बच्चे माता-पिता के बाहर जाने पर पैसा निकालकर ले जाते थे। वे चोरी करके हुक्का बार जा रहे थे।
अभियान चलाकर बंद कराएंगे इन्हें : एसपी सिटी
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद का कहना है कि अवैध रूप से चल रहे हुक्का बार की सूची तैयार की जाएगी। प्रशासन के साथ मिलकर इन्हें बंद कराया जाएगा। इनके संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।