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रंगभरनी एकादशी: बांकेबिहारी मंदिर में महकेगी केसर की कीच, ठाकुरजी खेलेंगे भक्तों संग होली

Fri, 06 Mar 2020 12:13 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
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बांकेबिहारी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन की कुंज गलियों में वैसे तो होली का आगाज हो चुका है, लेकिन बांकेबिहारी मंदिर में रंगभरनी एकादशी पर इसकी विधिवत शुरुआत होती है। रंगभरनी एकादशी छह मार्च को है। इस दिन से ठाकुर बांके बिहारी मंदिर सहित सभी मंदिर में भक्तों द्वारा जमकर गुलाल उड़ाया जाएगा। 
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शृंगार आरती के बाद ठाकुर बांकेबिहारी के गालों पर केसर की कीच लगाई जाएगी। ठाकुरजी की ओर से मंदिर के सेवायत रंग-गुलाल उड़ाएंगे। इसके लिए मंदिर प्रशासन सहित पुलिस ने भी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। 

यह है मान्यता 

वृंदावन में माना जाता है कि प्रिया (राधारानी) प्रियतम (भगवान श्रीकृष्ण) ने प्रेम भरी लीलाएं की थीं। उन्हीं लीलाओं में से एक लीला है होली। रंगभरनी एकादशी से प्रिया-प्रियतम होली की लीलाओं में मग्न हो जाते हैं। 
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प्रेम के जिस रस में डूबे रहते हैं, भक्तगण उसी प्रेम रस का पान करते हैं। इस दिन ठाकुर बांकेबिहारी जी महाराज गर्भगृह से निकलकर बाहर आ जाते हैं और लगातार पांच दिन तक बाहर ही रहकर रसिकों के साथ होली खेलते हैं। 

इस दिन भक्तों को ठाकुर बांकेबिहारी जी का अद्भुत शृंगार देखने को मिलेगा। बिहारी जी पांच दिन तक लगातार मलमल की सफेद पोशाक धारण करेंगे। कमर गुलाल फैंटा होगा तो हाथ में फूलन की छड़ी होगी। 

ऐसी अद्भुत होरी कहीं नांय मिलैगी...

रंगभरनी एकादशी के दिन सुबह पन्नालाल गोस्वामी तथा शाम को कन्हैयालाल गोस्वामी तथा घनश्याम गोस्वामी सेवा में रहेंगे। कन्हैयालाल गोस्वामी ने होली के बारे में बताते हुए कहा कि ऐसी अद्भुत होरी कहीं भी नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि बांकेबिहारी के बांके पुजारी, रंग गुलाल के बीच खड़े, ब्रज मंडल ते नभ मंडल तक, ब्रज की होरी लठ गढ़े। 
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उन्होंने बताया कि इस दिन ठाकुर जी का विशेष शृंगार होगा। उन्हें होली के हुरियारे के रूप में सजाया जाएगा। इस दिन वो राधारानी संग होली खेलते हैं। दोनों और से रंगों की बौछार होती है तब भक्तगण होली की शुरूआत करते हैं।

मंदिर प्रशासन तथा पुलिस ने की तैयारी

6 मार्च को रंगभरनी एकादशी की तैयारियां मंदिर प्रशासन ने मंगलवार रात से ही प्रारंभ कर दी हैं। भीड़ के दबाव को देखते हुए मंदिर के बाहर लोहे की बल्लियां लगा दी गई हैं। 

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। वह मंदिर के अंदर जाने तथा निकालने के लिए गेटों का चयन कर चुके हैं साथ ही विशेष परिस्थितियों के लिए भी पुलिस तथा मंदिर प्रशासन ने तैयारियों कर ली हैं।
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