होली में उड़ा गुलाल, बाजार में छाया उल्लास
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फागुनी बयार ने अलसाए तन, मन में उमंग और तरंग बढ़ा दी। होली से पहले ही गुलाल उड़ा तो बाजार में भी उल्लास छाने लगा। रंग, पिचकारी, गुजिया और ठंडाई का बाजार मार्च की तरह से गरम हो उठा। परीक्षाओं के चलते अभी तक होली की मस्ती नजर नहीं आई, लेकिन बोर्ड परीक्षाएं खत्म होने और कांन्वेंट स्कूलों की परीक्षाएं खत्म होने के बाद बच्चे होली पर धमाल मचाने को तैयार बैठे हैं। स्कूलों में होली के बाद तैयारी अब पड़ोसियों से होली खेलने की है।
बाजार में चीन ने एक से बढ़कर एक पिचकारियां उतारी हैं। कीमत पिछले साल से हालांकि ज्यादा है, लेकिन इससे खरीदारों पर कोई फर्क नहीं पड़ा। लुहार गली के थोक विक्रेताओं के पास से तो प्रेशर पिचकारियां खत्म हो गईं, जबकि खुदरा व्यापारी 300 रुपये से 600 रुपये के बीच पिचकारियां बेच रहे हैं। छोटे बच्चों के लिए बैंगन, टमाटर, छाता की तरह से पिचकारियां हैं तो बड़ों के लिए प्रेशर, टंकी वाली पिचकारियां। कार्टून करेक्टर वाली पिचकारियों से बाजार भरा पड़ा है।
होली के रंग में रंगेंगे विदेशी
होली के रंगीले त्योहार में विदेशी सैलानी भी रंगेंगे। शहर के होटलों, रेस्टोरेंट ने होली पर उनके लिए विशेष इंतजाम किए हैं। ताजमहल के पास के होटलों में छतों पर गुलाल और हर्बल रंगों की होली का प्रबंध है। ताज के गेट पर रंगोली बनाई गई है, वहीं एंपोरियम भी हर पर्यटक का स्वागत गुलाल से ही कर रहे हैं।