आगरा के ट्रांसयमुना थाना क्षेत्र में रविवार रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। उधर, उसके जेल जाते ही समर्थकों ने सोशल मीडिया खातों से मोनू यादव के साथ के अपने वीडियो और फोटो की पोस्ट डिलीट कर दी है। वहीं व्हाट्सएप ग्रुप पर पूरे दिन मुठभेड़ की चर्चा होती रही।
राज चौहान हत्याकांड में नाम आने के बाद से हिस्ट्रीशीटर माेनू यादव खुद को बचाने का प्रयास कर रहा था। ढाबा संचालक से रंगदारी मांगने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उस पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया था। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने राज चौहान हत्याकांड में संलिप्तता की जांच के लिए एसआईटी भी गठित कर दी है। खुद को बचाने के लिए मोनू यूपी से बाहर चला गया था।
उधर, नितिन यादव नाम के इंस्टाग्राम आईडी से तीन दिन पहले मोनू यादव के कार में बैठकर घूमने का वीडियो पोस्ट किया गया था। वीडियो में कार चला रहा युवक खुद को मोनू का रिश्तेदार बता रहा था। मोनू यादव भी अपने समर्थकों से नितिन का सपोर्ट करने की बात कह रहा था। वीडियो में उसी समय दिल्ली से निकलने की बात हो रही थी। रविवार रात पुलिस मुठभेड़ में मोनू यादव की गिरफ्तारी और जेल के बाद नितिन नाम के इंस्टाग्राम प्रोफाइल से मोनू यादव के साथ के सभी वीडियो और फोटो डिलीट कर दिए गए।
मोनू को सोशल मीडिया पर फॉलो करने वालों ने मोनू के सोशल मीडिया खातों को अनफॉलो कर दिया। एसआईटी टीम अब मोनू और उसके समर्थकों के सोशल मीडिया खातों पर नजर रख रही है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे काफी पूछताछ भी की है। एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि मामले में विवेचना की जा रही है। जो भी नाम सामने आएंगे उन्हें साक्ष्य सहित शामिल किया जाएगा।