मई 2018 में आई आंधी से गिरी फतेहपुर सीकरी की सिटी वॉल का संरक्षण फरवरी में शुरू होगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) आगरा गेट के पास 20 मीटर लंबी और 8 मीटर ऊंचाई वाली सिटी वॉल के संरक्षण पर 22 लाख रुपये खर्च करने वाला है। लाल पत्थर की बनी सिटी वॉल फतेहपुर सीकरी में मुगल बादशाह अकबर ने शहर की सुरक्षा के लिए बनवाई थी।
मुगल बादशाह अकबर की राजधानी रही फतेहपुर सीकरी को चारों ओर से घेरे परकोटे यानी सिटी वॉल के संरक्षण का काम फरवरी में शुरू किया जाएगा। कोरोना काल में पत्थरों की आपूर्ति न हो पाने के कारण संरक्षण कार्य रुके हुए थे। आंधी से मुगलकालीन सिटी वॉल का आगरा गेट से नक्कारखाने तक 20 मीटर हिस्सा ढह गया था। आठ मीटर ऊंची इस दीवार के पास से रेलवे लाइन भी गुजरती है।
नौ किमी लंबी सिटी वॉल में हैं नौ गेट
मुगल बादशाह अकबर ने फतेहपुर सीकरी की सुरक्षा के लिए चारों ओर चहारदीवारी का निर्माण कराया था, जिसे एएसआई ने सिटी वॉल के नाम से संरक्षित किया है। 9 किमी लंबी सिटी वॉल 8 से 10 मीटर तक ऊंची है और इसमें 9 दरवाजे थे। आगरा गेट इनमें से एक है। सीकरी में रेलवे लाइन निकालने के लिए सिटी वॉल के एक हिस्से को तोड़ा गया था।
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साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट में वसीम अहमद सईद की याचिका पर स्मारक से अतिक्रमण हटाने, संरक्षण करने पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया, जिसके बाद सिटी वॉल का भी संरक्षण शुरू हुआ और तेरहमोरी बांध से हिरन मीनार होते हुए सड़क और पार्किंग का निर्माण भी कराया गया।
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