हिंदी भाषियों का ग्रुप बनाया
आगरा के दयालबाग के रहने वाले प्रतीक राणा लंबे समय से विदेश में रह रहे हैं। पहले रूस फिर अमेरिका और अब कुवैत में हैं। पेट्रोलियम इंडस्ट्री से जुडे़ प्रतीक ने किसी भी देश में हिंदी का साथ नहीं छोड़ा। जिस देश में रहे हिंदी भाषियों का ग्रुप बनाया और हर महीने चाय पर चर्चा हुई। बताते हैं कि एक व्हॉट्सएप ग्रुप है, जिस पर कई देशों के हिंदी प्रेमी जुड़े हुए हैं।
बच्चों को भी सिखाती हैं हिंदी
साहित्यकार राजा लक्ष्मण सिंह परिवार से ताल्लुक रखने वालीं अमृता सिंह आगरा में पली-बढ़ीं और अब अपने परिवार के साथ कैलिफोर्निया के सेन जोंस इलाके में रहती हैं। अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाई के बावजूद उनका हिंदी प्रेम जारी है। भारतीय मूल के बच्चों को भी हिंदी के रोजमर्रा के शब्दों का इस्तेमाल कराती हैं। सोशल मीडिया के जरिए हिंदी के प्रचार-प्रसार का दायित्व निभा रही हैं।