हिंदी हैं हम: शोधार्थी मोहिनी दयाल, चारु अग्रवाल और अंजू सिंह
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प्रवासी साहित्यकार विश्वभर में हिंदी की खुशबू फैला रहे हैं । हिंदी के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान से लोगों को रूबरू कराने के लिए आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी एवं भाषा विज्ञान विद्यापीठ (केएमआई) के कई शोधार्थी काम कर रहे हैं। केएमआई पांच वर्षों से लगातार प्रवासी साहित्यकारों को विश्वविद्यालय से जोड़ भी रहा है।
शोधार्थी मोहिनी दयाल के शोध कार्य का विषय ‘अमेरिका की प्रवासी महिला रचनाकारों के साहित्य में प्रवासी जीवन’ है। मोहिनी बताती हैं कि वह केएमआई में आने वाले प्रवासी साहित्यकारों से बहुत प्रभावित हुईं और यह विषय चुना है। शोधार्थी आरती चतुर्वेदी का विषय ‘सुरेश चंद्र शुक्ल - शरद आलोक- : व्यक्ति और रचनाकार’ है। उन्होंने बताया कि सुरेश चंद्र शुक्ल नार्वे के ओस्लो शहर में 40 वर्षों से हिंदी की सेवा कर रहे हैं।
शोधार्थी चारु अग्रवाल के शोध का विषय ‘तेजेंद्र शर्मा की कहानियों में महानगरीय संवेदना के विविध आयाम’ है। उन्होंने बताया कि तेजेंद्र शर्मा अपने कथा साहित्य के माध्यम से हिंदी साहित्य जगत में पाठकों के सामने नए विचार प्रस्तुत कर रहे हैं।