फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

#हिंदीहैंहम: विदेशों में हिंदी की खुशबू बिखेर रहे साहित्यकारों पर बढ़ा शोध

Sat, 12 Sep 2020 12:01 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • अमेरिका की सुदर्शन प्रियदर्शनी, लंदन के तेजेंद्र शर्मा व अन्य के योगदान से रूबरू करा रहे केएमआई के शोधार्थी
विज्ञापन
हिंदी हैं हम: शोधार्थी मोहिनी दयाल, चारु अग्रवाल और अंजू सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रवासी साहित्यकार विश्वभर में हिंदी की खुशबू फैला रहे हैं । हिंदी के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान से लोगों को रूबरू कराने के लिए आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी एवं भाषा विज्ञान विद्यापीठ (केएमआई) के कई शोधार्थी काम कर रहे हैं। केएमआई पांच वर्षों से लगातार प्रवासी साहित्यकारों को विश्वविद्यालय से जोड़ भी रहा है। 

विज्ञापन


शोधार्थी मोहिनी दयाल के शोध कार्य का विषय ‘अमेरिका की प्रवासी महिला रचनाकारों के साहित्य में प्रवासी जीवन’ है। मोहिनी बताती हैं कि वह केएमआई में आने वाले प्रवासी साहित्यकारों से बहुत प्रभावित हुईं और यह विषय चुना है। शोधार्थी आरती चतुर्वेदी का विषय ‘सुरेश चंद्र शुक्ल - शरद आलोक- : व्यक्ति और रचनाकार’ है। उन्होंने बताया कि सुरेश चंद्र शुक्ल नार्वे के ओस्लो शहर में 40 वर्षों से हिंदी की सेवा कर रहे हैं। 


शोधार्थी चारु अग्रवाल के शोध का विषय ‘तेजेंद्र शर्मा की कहानियों में महानगरीय संवेदना के विविध आयाम’ है। उन्होंने बताया कि तेजेंद्र शर्मा अपने कथा साहित्य के माध्यम से हिंदी साहित्य जगत में पाठकों के सामने नए विचार प्रस्तुत कर रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

अंजू सिंह के शोध कार्य का विषय - अभिमन्यु अनत के उपन्यासों में भारतीय संस्कृति और परिवेश बोध- है। अभिमन्यु अनत मॉरीशस के प्रेमचंद कहे जाते हैं। शोधार्थी भावना यादव के शोध का विषय - अमेरिका की प्रवासी साहित्यकार सुदर्शन प्रियदर्शनी का रचना संसार- है। भावना यादव केएमआई में सुदर्शन प्रियदर्शनी से मिलकर बहुत प्रभावित हुई थीं।

‘हिंदी का वैश्विक परिदृश्य: दशा व दिशा’ वेबिनार कल

केएमआई के निदेशक प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में 13 सितंबर को दोपहर एक बजे वेबिनार का आयोजन किया जाएगा। विषय ‘हिंदी का वैश्विक परिदृश्य: दशा व दिशा’ है। कुलपति प्रो. अशोक मित्तल अध्यक्षता करेंगे। प्रवासी साहित्यकार सुरेश चंद्र शुक्ल, अनिलप्रभा कुमार, डॉ. पद्मेश गुप्त विशेष अतिथि रहेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें