आगरा। हाईकोर्ट ने डीएम प्रभु एन सिंह से पूछा है कि उन्होंने किस कानूनी अधिकार के तहत जोंस मिल क्षेत्र में बिजली और पानी के नए कनेक्शन पर रोक लगाई। जोंस मिल संघर्ष समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए डीएम से यह जवाब तलब किया गया है।
समिति के संस्थापक ब्रजमोहन शर्मा ने बताया कि डीएम ने 29 जुलाई 2020 और 22 दिसंबर 2020 को आदेश जारी किए थे। इनके तहत बिजली और पानी के नए कनेक्शन के साथ ही जोंस मिल की समस्या प्रॉपर्टी के बैनामों पर भी रोक लगा दी थी।
इससे पूरे क्षेत्र के लोगों में भारी घबराहट पैदा हो गई। न लोग जमीन खरीद पा रहे हैं और न ही बेच पा रहे हैं। इमारतों के निर्माण कार्य भी रुक गए। डीएम ने आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया था कि यह रोक किस कानून के तहत लगाई गई है। इस पर समिति ने हाईकोर्ट ने याचिका दायर की थी। सरकारी अधिवक्ता को भी इसमें सुना गया लेकिन वह नहीं बता पाए कि कौन से कानून में लिखा है कि किसी क्षेत्र में इस तरह डीएम रोक लगा सकते हैं। इस पर हाईकोर्ट ने डीएम से जवाब तलब किया है। 22 फरवरी कोे अगली सुनवाई होगी।
20 और लोग दायर करेंगे याचिका
जोंस मिल मामले में 20 और लोगों ने याचिकाएं तैयार करा ली हैं। ये सभी संघर्ष समिति से जुड़े हैं। इनका कहना है कि सिर्फ डीएम नहीं, अन्य अधिकारियों को भी पार्टी बनाकर याचिका दायर की जाएगी।
नहीं मिला आदेश
हाईकोर्ट का आदेश अभी नहीं मिला है। अगर जवाब मांगा गया है तो वह दिया जाएगा - प्रभु एन सिंह, डीएम
कवायद: 198 संपत्तियों की होगी जांच, दस्तावेजों का मिलान शुरू
आगरा। जोंस मिल की भूमि पर बने मकान, दुकान, ट्रांसपोर्ट गोदाम, मार्केट समेत 198 संपत्तियों की जांच होगी। इनके बैनामों व दस्तावेजों का राजस्व रिकॉर्ड से मिलान बृहस्पतिवार से शुरू हो गया है। आठ दिन में एडीएम एवं मजिस्ट्रेट कमेटी सभी 198 प्रत्यावेदनों की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
एडीएम प्रोटोकॉल पुष्पराज सिंह ने बताया कि 1 से 30 जनवरी तक 198 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जोंस मिल भूमि से संबंधित व्यक्तियों ने अपने बैनामे, खसरा-खतौनी, न्यायालय आदेश प्रतियां व अन्य साक्ष्य और दस्तावेज शपथपत्र के साथ प्रस्तुत किए हैं। प्रत्यावेदन में की गई मांग व दस्तावेजों को प्रकृति अनुसार सूचीबद्ध किया है। नजूल व राजस्व रिकॉर्ड से संपत्तियों के दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा। आठ दिन में जांच पूरी हो जाएगी।
कमेटी की रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा कब्जा
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि एडीएम कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद चार विभाग अपनी जमीनों पर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। सिंचाई, नगर निगम, पुलिस और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम बनेगी। सरकारी संपत्ति क्षति मामले में विधिक कार्यवाही के लिए राजस्व परिषद को प्रस्ताव भेजा जाएगा।