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UP: 12 साल के बेटे की हत्या, सात साल बाद उम्रकैद...हाईकोर्ट से बरी हुए आरोपी, पिता फिर लड़ेंगे न्याय की लड़ाई

Mon, 06 Jul 2026 10:15 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

2013 में 12 वर्षीय प्रिंस की हत्या के मामले में ट्रायल कोर्ट से मिली उम्रकैद की सजा इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दी है। फैसले के बाद पिता ने दोबारा प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया है।
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court new - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिवाली का अवसर था। बेटे के पास त्योहार पर मिले रुपये रखे हुए थे। घटना वाले दिन वो घर से निकला था और उसकी हत्या कर दी गई। अगले दिन शव घर के पास रेलवे लाइन किनारे मिला था। पुलिस ने साक्ष्य संकलन करने के बाद हत्याकांड का खुलासा किया। दो लोगों को जेल भेजा गया। अब आरोपियों की सजा हाईकोर्ट से रद्द होने की जानकारी मिली है। प्रिंस के पिता सर्वेश कुमार ने केस में फिर से पैरवी और बेटे की जान लेने वालों को सजा दिलाने की बात कही है। इसके लिए विधिक राय ले रहे हैं।
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मूलरूप से शाहगंज के रसूलपुर निवासी सर्वेश कुमार शर्मा बिजली मैकेनिक हैं। इस समय ग्वालियर में बेटे राहुल और पत्नी के साथ रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि 12 वर्षीय बेटे प्रिंस की 5 नवंबर 2013 को हत्या कर दी गई थी। उसके शव को जलाने का प्रयास किया गया था। हाथ-पैर रस्सी से बंधे मिले थे। उन्होंने बताया कि घटना से दो दिन पहले दिवाली का त्यौहार था। दूज पर बेटे को रिश्तेदारों से रुपये मिले थे। उसके पास करीब तीन हजार रुपये थे। उसे एक युवक बुलाकर ले गया था। रुपये छीनने के लिए हत्याकांड को अंजाम दिया गया। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया।
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ऑटो चालक नरीपुरा निवासी इरशाद और सराय ख्वाजा निवासी कबीर खां को 24 नवंबर 2013 को गिरफ्तार किया था। 2 दिसंबर 2013 को कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया गया। फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर दोनों को दोषी पाया गया। 13 मार्च 2020 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सजा को रद्द कर दिया है। टिप्पणी भी की कि उस पिता के बयान पर यकीन नहीं होता, जिसका बेटा गुमशुदा हो और वह रात में चैन की नींद लेने के बाद सुबह चाय की चुस्की लें। सर्वेश कुमार शर्मा ने बताया कि बेटे की हत्या रुपये छीनने के लिए की गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपियों को जेल भेजा था। वह कोर्ट में फिर से प्रभावी पैरवी करेंगे। सही आरोपी पकड़ा जाना चाहिए।

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