आगरा। दहेज उत्पीड़न व अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए दिए गए प्रार्थनापत्र पर पारित अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को सत्र अदालत ने निरस्त कर दिया। एडीजे -23 अमित कुमार यादव ने मामले में फिर से सुनवाई कर आदेश पारित करने के निर्देश दिए हैं।
पीड़िता ने तीन विपक्षियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर रिवीजन दाखिल किया था। दिल्ली के सेंट्रल रोड निवासी जयश्री कपूर ने थाना हरीपर्वत क्षेत्र के निर्भय नगर क्षेत्र के निवासी पति हर्शिव होरा, सास नमिता होरा, ससुर हरविंदर सेतिया, उनकी पुत्री आकांक्षा सेतिया और शिरीन होरा सहित अन्य के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अदालत में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था।
आरोप लगाया कि 4 फरवरी, 2023 को सगाई समारोह के दौरान और उसके बाद से ही विपक्षियों ने उनके और उनके परिजन पर दहेज की अनुचित मांग पूरी करने का दबाव बनाया। उनके पिता सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद सीमित आर्थिक स्थिति में मांगें पूरी करते रहे। इनमें नकदी, महंगे आभूषण, घड़ियां, कॉस्मेटिक सामान, ब्रांडेड पर्स, डिजाइनर चश्मे और अन्य महंगी वस्तुएं शामिल थीं। षड्यंत्र के तहत भाई सौरभ कपूर से फोन पर 20 हजार अमेरिकी डॉलर का भुगतान करा लिया। अधीनस्थ न्यायालय ने 29 नवंबर, 2025 को हर्शिव होरा, नमिता होरा, सोनिका, विनय सचदेवा, निधि सचदेवा और आयुष सचदेवा के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे।