दिन में तेज गर्मी और रात में पारा कम होने से लोगों को वायरल फीवर परेशान कर रहा है। कमजोरी और मांसपेशियों में दर्द हो रहा है। एसएन मेडिकल कॉलेज और डॉक्टरों के यहां ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि खुद से कोई भी एंटीबायोटिक दवाएं न लें। 3 दिन में बुखार ठीक नहीं होने पर विशेषज्ञ को दिखाएं। अपने आप दवाएं लेने से नुकसान हो सकता है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि मेडिसिन विभाग में रोजाना 650 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें कई ऐसे मरीज हैं, जिन्होंने खुद ही एंटीबायोटिक दवाएं ले लीं। इससे मर्ज ठीक होने में दोगुना समय लगा। सामान्य वायरल फीवर में एंटीबायोटिक लेने की जरूरत नहीं है। पैरासिटामॉल लें और एलर्जिक, सांस की दिक्कत बनने और तीन दिन में बुखार ठीक नहीं होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
बाल रोग विभाग के डॉ. रामक्षितिज शर्मा ने बताया कि वायरल बुखार में एंटीबायोटिक की कोई जरूरत नहीं होती है। ये बैक्टीरियल इन्फेक्शन में दिया जाता है। बच्चों को बुखार होने पर खुद चिकित्सक न बन जाएं। विशेषज्ञ को दिखाकर ही इलाज कराना चाहिए। ओपीडी में रोजाना 250 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें कई ऐसे परिजन हैं, जिन्होंने बुखार-खांसी होने पर खुद ही दवा-सिरप पिला दिया। इससे मर्ज और बिगड़ गया। खांसी ठीक होने में दो सप्ताह तक का वक्त लग रहा है।