मथुरा के वृंदावन में वृंदा कुंज रेजिडेंसी में कर्ज में डूबे सराफा कारोबारी धैर्य गुप्ता (45) ने पत्नी और बेटियों को मायके में भेजने के बाद फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि सराफ व्यापार में हुए नुकसान से नहीं उबर पा रहे थे। इसी कारण उन पर बाजार का खासा कर्ज हो गया था। कर्जदारों के दबाव में मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। आसपास के लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
वृंदा कुंज रेजडेंसी में सी ब्लॉक के फ्लैट संख्या 207 में धैर्य गुप्ता अपनी पत्नी अनुपम और चार बेटियों के साथ रहते थे। वह मूल रूप से टूंडला निवासी थे। फिलहाल यहां किराये पर रहते थे। बृहस्पतिवार को वह अपनी पत्नी और बेटियों को आगरा में खंदौली स्थित उनके मायके छोड़ आए थे। धैर्य ने वापस आकर रात्रि में अपने फ्लैट में फंदे पर लटककर खुदकुशी कर ली। शुक्रवार सुबह जब अपने फ्लैट से बाहर नहीं निकले तो पड़ोसियों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने परिजन को सूचना दी तो वह मौके पर पहुंचे। फ्लैट को पुलिस ने खोला तो धैर्य फंदे पर लटके हुए मिले। इस पर पत्नी और बेटियों का रो-रोककर बुरा हाल हो गया।
पुलिस को परिजन से जानकारी मिली है कि वह कुछ दिनों से ज्यादा परेशान चल रहे थे। टूंडला में कारोबार में नुकसान हुआ तो बहुत उम्मीदों से वृंदावन आ गए।लेकिन यहां भी काम सफल नहीं हो सका। कर्ज का बोझ और बढ़ गया। कर्जदार लगातार दबाव बनाए हुए थे। इस कारण से परेशान होकर जान दे दी।
किसी को भनक तक नहीं लगने दी
धैर्य की हिम्मत जवाब दे गई थी। वह खुद भी परेशान थे और परिजन को भी परेशान देखते थे। परिवार के सारे खर्चे भी थे। लेकिन वह अपनी परेशानी की किसी को भनक तक नहीं लगने देते थे। वह कर्जे में फंस गए थे। जान देने से पहले पत्नी और बच्चों से काफी बात की और बेटियां से कहा कि तुम ही एक दूसरे की ताकत हो। फिर सभी को साथ लेकर खंदौली में अपनी ससुराल गए।
वहां सभी से मिले और पत्नी और बेटियां को वहां छोड़ने के बाद खुद अकेले आ गए और पत्नी से कहा कि वह बाहर जा सकते हैं। अपना और बेटियों का ध्यान रखना। कारोबारी ने फंदा लगाकर जान दी है। इस बात की जानकारी पर पुलिस पहुंच गई थी। फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए है। पोस्टमार्टम भी कराया गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।- संदीप सिंह, क्षेत्राधिकारी सदर सर्किल