30एमएनपी-14-जिला महिला अस्पताल में बाहर खड़े डॉक्टर व स्टाफ
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मैनपुरी। कोरोना महामारी के बीच गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीजेरियन प्रसव की स्थिति बनने पर सरकारी अस्पताल के साथ ही निजी अस्पताल भी प्रसूताओं को भर्ती नहीं कर रहे हैं।
थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव भटानी निवासी अमित चौहान की पत्नी सरिता चौहान को मंगलवार को प्रसव पीड़ा हुई। सरिता का पहला बच्चा ऑपरेशन से हुआ था। दूसरी बार प्रसव के दौरान भी ऑपरेशन की स्थिति थी। परिजन महिला को पहले जिला अस्पताल ले गए। यहां ऑपरेशन की व्यवस्था न होने की बात कहते हुए प्राइवेट अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन सरिता को शहर के चार अन्य प्राइवेट अस्पतालों में ले गए, लेकिन यहां भी किसी ने उसे भर्ती नहीं किया।
बुधवार को जब उसकी हालत बिगड़ी तो परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने में आनाकानी की। इस पर सरिता के पति ने 112 पर पुलिस को फोन किया। पुलिस के पहुंचने पर सरिता को महिला अस्पताल में भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन बाद में ऑपरेशन की व्यवस्था न होने की बात कहकर परिजनों को भयभीत कर दिया। इसके बाद किसी प्रकार परिजनों ने इटावा के एक निजी अस्पताल में संपर्क किया। यहां बुधवार की रात 1:30 बजे सरिता ने एक बच्ची को जन्म दिया।
जिला महिला अस्पताल में सीजेरियन प्रसव के लिए डॉक्टर की व्यवस्था नहीं है। जो डॉक्टर हैं वह ऑपरेशन के लिए आ नहीं रहे हैं। इसके चलते महिला को बाहर ले जाने की सलाह दी गई थी।
डॉ. एके पचौरी, सीएमएस महिला अस्पताल