मथुरा के गांव गढ़सोली में कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज होने की सूचना पर शुक्रवार रात स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंच गई। चिकित्सकों ने युवक का स्वास्थ्य परीक्षण किया। युवक सर्दी, जुकाम, खांसी से पीड़ित था।
चिकित्सकों के अनुसार युवक कोरोना वायरस से पीड़ित नहीं है। प्राथमिक उपचार कर दिया गया है। दो दिन चेकअप किया जाएगा। युवक हाल ही में हैदराबाद से लौटा है।
उधर, देर रात टैंटीगांव के गांव परसोंती गढ़ी में दो युवकों के कोरोना वायरस के पीड़ित होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंची। जानकारी मिली कि युवकों के बारे में अफवाह उड़ा दी थी।
हैदराबाद में नौकरी करती है युवक
बलदेव के गांव गढ़सोली निवासी एक युवक हैदराबाद में टोल पर नौकरी करता है। बृहस्पतिवार को वो अपने गांव आया था। शुक्रवार को जुकाम, खांसी की शिकायत मिली तो गांव के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को फोन कर दिया कि युवक को कोरोना की शिकायत है।
कुछ देर बाद गांव में स्वास्थ्य विभाग की गाड़ियां पहुंच गईं। चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण कर उसे दवाई दे दी है। सीएचसी प्रभारी डॉ. बिजेंद्र सिंह सिसौदिया ने बताया कि युवक को हल्का बुखार, जुकाम एवं खांसी है। उसे दवाई दे दी गई है। इसका पुन: दो दिन चेकअप किया जाएगा।
उधर, टैंटीगांव के गांव परसोंती गढ़ी निवासी दो युवकों के कोरोना वायरस संदिग्ध होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंच गई। बताया जाता है कि गांव निवासी दो युवक मुंबई में आइसक्रीम बिक्री का कारोबार करते थे।
युवक के बारे में उड़ी अफवाह
मुंबई के हालात बिगड़ने पर दोनों 19 मार्च को अपने गांव लौट आए। यहां आने पर उनकी तबीयत खराब हो गई। जुकाम, खांसी एवं बुखार होने की शिकायत स्थानीय लोगों ने शुक्रवार की शाम स्वास्थ्य विभाग को दी।
सूचना पर मथुरा से रैपिड रेस्पोंस टीम गांव पहुंच गई। सीएचसी प्रभारी अरविंद चौधरी ने बताया कि गांव में युवकों की जांच कर ली है। युवक बीमार नहीं हैं। युवकों ने बताया कि उनके बारे में अफवाह उड़ाई गई है।