आरोपियों को कोर्ट ले जाती पुलिस (फाइल)
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मथुरा की अस्थायी जेल में बंद पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) और सीएफआई (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) के चारों सदस्यों की शनिवार को एसडीएम कोर्ट मांट में वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी हुई। सुनवाई के बाद चारों आरोपियों की 14 दिन और न्यायिक हिरासत को बढ़ा दिया गया।
पांच अक्तूबर को यमुना एक्सप्रेसवे के जाबरा टोल प्लाजा से मांट पुलिस ने एजेंसियों की सूचना पर एक कार से अतीकुर्रहमान पुत्र रौनक अली निवासी मुजफ्फरनगर, आलम पुत्र लईक निवासी रामपुर, सिद्दीक पुत्र मोहम्मद निवासी केरल और मसूद पुत्र शकील निवासी जरवल रोड बहराइच को हिरासत में लिया था।
इन चारों पर विदेशी फंडिंग से हिंसा भड़काने की साजिश रचने का आरोप है। इन्हें एसडीएम मांट के न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। 19 अक्तूबर को दोबारा से 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ाई गई थी।
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शनिवार को एसडीएम डॉ. सुरेश कुमार ने चारों आरोपियों की ऑनलाइन पेशी कर जमानत के लिए अर्जी दाखिल करने को कहा। एसडीएम मांट ने बताया कि मधुवन एडवोकेट द्वारा केवल वकालतनामा लगाकर नोटिस 111 का जवाब दिया गया है। किसी ने अभी तक जमानत अर्जी नहीं दी है। इसलिए आरोपियों की फिर से 14 दिन न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई है।