मथुरा: आरोपी रऊफ शरीफ को ले जाती पुलिस
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केरल से मथुरा लाए गए कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) के सदस्य रऊफ शरीफ को अदालत ने दो मार्च तक की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। उस पर हाथरस कांड के बाद दंगे की साजिश रचने और विदेशी फंडिंग का आरोप है। एसटीएफ की टीम उसे केरल की अरनाकुलम जेल से बी वारंट पर लाई। सोमवार को उसे एडीजे प्रथम अनिल कुमार पांडे की अदालत में पेश किया गया।
आरोपी रऊफ के अधिवक्ता ने सोमवार को अदालत में सवाल खड़े किए। उन्होंने बी वारंट को दोषपूर्ण बताते हुए कहा कि बी वारंट के मुताबिक केरल जेलकर्मियों को रऊफ को मथुरा लाना था, लेकिन जेल ने रऊफ को एसटीएफ को सौंप दिया। अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी ने एसटीएफ के फंडिंग संबंधी दावों का भी अदालत में प्रतिरोध किया। उन्होंने बताया कि वह बी-वारंट को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।
आरोपी रऊफ शरीफ को एसटीफ के एसपी विनोद सिरोही, एसआई ब्रह्म प्रकाश शर्मा ने रविवार को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया था। रिमांड मजिस्ट्रेट ने उसे एक दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा था। सोमवार को उसे एडीजे प्रथम की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने रऊफ को दो मार्च तक की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। डीजीसी शिवराम तरकर ने यह जानकारी दी है।