सहारनपुर के सकतपुर में खेत में निकली हड़प्पाकालीन धरोहरों को एएसआई रसायन शाखा ने दमका दिया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की आगरा रसायन शाखा ने बीते साल उत्खनन में मिले ताम्र कुठार समेत अन्य अवशेषों की रासायनिक सफाई की।
अब इन अवशेषों का अध्ययन किया जाएगा। ये पुरावशेष करीब चार हजार साल पुराने माने जा रहे हैं। एएसआई आगरा सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद् डा. भुवन विक्रम के निर्देशन में गांव सकतपुर में इसी साल मार्च में उत्खनन शुरू किया गया था।
डा. भुवन विक्रम ने बताया कि सकतपुर में हड़प्पाकालीन पुरावशेष प्राप्त हुए हैं। रासायनिक सफाई के बाद इनका अब अध्ययन शुरू किया जाएगा। जून के अंत तक उत्खनन भी जारी रह सकता है।
बीते साल मई में एक खेत से मजदूरों को धूसर मृदभांड और ताम्र कुठार तथा कुछ बर्तन प्राप्त हुए थे। एएसआई ने उत्खनन शुरू कराया तो हड़प्पाकालीन सभ्यता के पुरावशेष मिलने शुरू हो गए। धूसर मृदभांड को जांच के लिए अमेरिकी लैब भेजा गया है।
ताम्र कुठार समेत तांबे के अन्य पुरावशेषों की आगरा में रासायनिक सफाई की गई। आगरा स्थित रसायन शाखा के अधीक्षण रसायनविद् डा. एमके भटनागर के निर्देशन में सफाई की गई। उत्खनन में जितने भी पुरावशेष मिले हैं, उनकी सफाई के बाद और पहले की स्थिति का पूरा रिकार्ड तैयार किया जा रहा है।