जिस स्थान पर अधजला शव मिला, वहां बहुत ही कम लोगों का आना-जाना रहता है। ऐसे में आशंका ये भी व्यक्त की जा रही है कि हत्यारा कहीं आसपास के ही क्षेत्र का रहने वाला है।
एटा के मिरहची थाना क्षेत्र के गांव गढिया प्रसादपुर में जलाए गए शव को लेकर स्थानीय हत्यारे के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मान रही है कि ऐसी निर्जन और सूनसान जगह की बाहरी लोगों को जानकारी नहीं हो सकती। जिस जगह पर शव जलाया गया है, वहां लोग बहुत कम आते-आते हैं। सड़क से काफी दूर है। ऐसे में कोई न कोई आस-पास का व्यक्ति घटना में शामिल रहा है।
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सीओ सदर अमित राय का कहना है कि सूचना मिलने के बाद मौके का बारीकी से निरीक्षण किया गया है। हत्यारों ने कोई सबूत मौके पर नहीं छोड़ा है। लेकिन जिस जगह पर शव को डाला गया है, उस जगह को स्थानीय लोग पहले से जानते हैं। सड़क से दूर शव को नहर के किनारे पर डालकर जलाया गया है। शव को जलाने में किसी ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग किया गया है। हत्यारों ने सोची-समझी साजिश के तहत चेहरे व ऊपरी हिस्सा को जलाया है ताकि पहचान न हो सके। बताया कि अपराधियों तक पहुंचने के लिए टीम लगाई गई है। सबसे पहले युवक की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। पहचान होने के बाद मामले का बहुत ही जल्द खुलासा कर दिया जाएगा।
वहीं अगर जिले में अज्ञात शवों की बात की जाए तो नहर, रजबहा और काली नदी के किनारे अपराधियों के लिए सुरक्षित रहे हैं। अक्तूबर 2023 में बागवाला क्षेत्र के गांव नगला रंजीत पर काली नदी के किनारे एक किशोरी की हत्या कर शव को फेंका गया था। इसका पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर पाई है। ऐसे और भी कई मामले हैं जो पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। जिसमें ताजा मामला यह जुड़ गया है।