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अमर उजाला पड़ताल: हेयर सैलून में पहले दिन हुई नियमों की 'हजामत'

Mon, 22 Jun 2020 12:14 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • ताजनगरी में 90 दिन के बाद खुले सैलून, आधार मांगा न यूज एंड थ्रो तौलिये का प्रयोग किया गया। 
  • 800 छोटे-बड़े सैलून हैं शहर में, 60 फीसदी में नियमों की हुई अनदेखी
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कई सैलून नहीं हुआ नियमों का पालन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में 90 दिन से बंद चल रहे शहर के सैलून रविवार को खुल गए। गली-मोहल्लों के ज्यादातर सैलूनों में पुराने ढर्रे पर ही कैंची और उस्तरा चला। पुराने तौलियों से ही हजामत कर दी गई। यहां न आधार कार्ड मांगा गया और न ही यूज एंड थ्रो तौलिये का प्रयोग किया गया। 

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चुनिंदा सैलूनों ने ही नियमों का पालन किया। कुछ सैलून ऐसे रहे, जिन्होंने पीपीई किट पहनाकर हजामत की। अमर उजाला रिपोर्टर ने शहर की गलियों और मोहल्लों के साथ पॉश इलाकों में जाकर सैलूनों की पड़ताल की।


बिना पता लिए काटे बाल

गोकुलपुरा में पुराने डाकघर के पास एक सैलून में ग्राहक के बाल काटे जा रहे थे। सैलून संचालक ने दस्ताने नहीं पहने हुए थे। न ही ग्राहक का आधार, मोबाइल नंबर, पता नोट किया गया। यूज एंड थ्रो तौलिया भी नदारद था।

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बिना थर्मल स्क्रीनिंग के प्रवेश

केदार नगर मार्ग पर बने एक सैलून में बिना थर्मल स्क्रीनिंग के ग्राहकों को प्रवेश दिया जा रहा था। सैनिटाइजेशन की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। ग्राहकों का रिकॉर्ड तक नहीं लिया जा रहा था।

पुराने तौलिये का प्रयोग

प्रकाश नगर में व्यवस्थित सैलून में भी नियमों का ठीक से पालन नहीं हो रहा था। सामान्य तौलिये का ही प्रयोग किया जा रहा था।  कर्मचारी बिना दस्ताने के दाढ़ी बना रहा था।

यहां सारे नियम हवा

रामनगर पुलिया के पास एक छोटे से सैलून में सारे नियम हवा दिखे। सैनिटाइजर, मास्क, ग्लव्स नदारद दिखे। ग्राहकों का रिकॉर्ड मेंटेन करना तो दूर की बात थी।

यहां जूते भी हुए सैनिटाइज

कई बड़े सैलून में नियमों का पालन भी होता दिखा। संजय प्लेस स्थित सैलून में ग्राहक के जूते को सोडियम हाइपो क्लोराइड से साफ किया जा रहा था। उसके बाद शू कवर देकर हाथ सैनिटाइज हो रहे थे। फिर स्टाफ पीपीई किट पहनकर सेवा दे रहा था।

सैलून संचालक दौलत परमार ने बताया कि हम जूते तक केमिकल से साफ करवा रहे हैं। उसके बाद हाथों को सैनिटाइज व पीपीई किट पहनकर काम हो रहा है। सैलून संचालक समीर ने कहा कि बहुत दिनों बाद काम शुरू हुआ है। इसलिए व्यवस्था को पटरी पर आने में थोड़ा समय लगेगा।

सैलून संचालक सनी ने कहा कि हम नियम का पालन करने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। ग्राहकों को भी दूरी पर ही बैठा रहे हैं। श्यामलाल ने कहा कि छोटा सा काम है। हाथ में इतने पैसे नहीं होते कि सारे संसाधन जुटा सकूं। दुकान भी किराए की है।
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यह है नियम

- सैलून पर आने वाले ग्राहक का सभी दुकानदार आधार कार्ड नंबर मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज करेंगे। 
- सैलून के गेट पर प्रत्येक ग्राहक की थर्मल स्क्रीनिंग होगी।
- सैलून में सिर्फ यूज एंड थ्रो टॉवल का प्रयोग किया जाएगा।
- प्रत्येक सैलून की दुकान में सिर्फ दो सीट पर एक बार मे दो ग्राहक का काम होगा। 
- नगर क्षेत्र के सभी सैलून सप्ताह के गुरुवार को रहेंगे बंद।
- प्रत्येक दुकानदार हाथों में ग्लब्स मुंह पर मास्क व सैनिटाइजर का करेंगे प्रयोग करेगा
- दुकान में ऐसी है तो दुकानदार पीपीई किट पहनेगा, बिना ए सी दुकान में सिर पर एप्रिन पहनना अनिवार्य होगा।

 
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