रेबीज से पांच वर्षीय बालक की मौत, परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोपपहली प्
पिनाहट। गांव अतैयापुरा में कुत्ते के काटने से घायल पांच वर्षीय बालक की सोमवार को मौत हो गई। मृतक के पिता कुंवर सिंह और मां मनीषा देवी का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहली एंटीरैबीज डोज समय पर लगा दी जाती, तो उनके बच्चे की जान बच सकती थी। उन्होंने मामले में लापरवाह डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गांव अतैयापुरा निवासी कुंवर सिंह के पांच वर्षीय पुत्र छोटू को 9 जनवरी को घर के बाहर खेलते समय कुत्ते ने चेहरे व सिर पर काट लिया था। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन ने बताया कि वह बच्चे को तत्काल लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिनाहट पहुंचे थे। वहां डॉक्टर ने दवा का पर्चा बनाया और एंटीरैबीज लगवाने की सलाह दी। आरोप है सीएचसी पर उस समय वैक्सीन लगाने वाला कोई कर्मी मौजूद नहीं था। इसके बाद परिजन बालक को कस्बा स्थित एक निजी क्लीनिक ले गए, जहां उसे पहली एंटीरैबीज डोज लगवाई गई। परिजन के अनुसार इसके बाद 12 और 16 जनवरी को पिनाहट स्वास्थ्य केंद्र पर एंटीरैबीज की वैक्सीन लगवाई गई। 23 जनवरी को बालक को बुखार और सिर दर्द की शिकायत होने लगी। वह उसे दोबारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। आरोप है कि वहां समुचित उपचार नहीं मिला। बालक को आगरा के एक निजी अस्पताल में दिखाया गया, जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। घरवालों का कहना है कि बालक के मुंह से लार निकलने लगी थी। उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। दिल्ली में इलाज के दौरान रविवार सुबह बालक की मौत हो गई। बालक की मौत के बाद मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी प्रमोद कुशवाहा टीम के साथ गांव पहुंचे, जहां मृतक के परिजन को एंटीरैबीज वैक्सीन की डोज लगाई गई। ग्रामीणों ने बताया कि जिस कुत्ते ने बालक को काटा था। उसने कुछ दिन पहले एक भैंस को भी काट लिया था। भैंस भी मर गई थी। बाद में ग्रामीणों ने उस कुत्ते को मार दिया था।