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UP: गुटखा-पान मसाला नकली...भूल से भी न करें इनका सेवन, कैंसर का और भी बढ़ जाएगा खतरा

Mon, 17 Mar 2025 12:20 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

पान मसाला-गुटखा युवाओं को कैंसर दे रहा है, लेकिन इसका खतरा नकली पान मसाला और भी बढ़ा रहे हैं। जांच में इन नकली पान-मसाला में 70 खतरनाक रसायन मिले हैं। 
 
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तंबाकू - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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गुटखा-पान मसाला पहले से जानलेवा था। अब बाजार में नकली भी खपाए जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में ये नकली और घटिया मिले हैं। इनमें 70 से अधिक खतरनाक रसायन मिले हैं। डॉक्टरों की मानें तो इससे कैंसर का पांच गुना खतरा है। 25-30 की उम्र में कैंसर की ये बड़ी वजह बन रहे हैं।
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एफएसडीए को पान मसाला, गुटखा के 14 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें 9 नमूने फेल मिले। इनमें 6 नकली और बाकी घटिया किस्म के पाए गए। लैब की जांच में 70 से अधिक खतरनाक रसायन पाए गए हैं। जांच में ये जीवन के लिए असुरक्षित पाए गए। नशे की लत पूरा करने के लिए लोग इनको खा रहे हैं। डॉक्टर बताते हैं कि इनके खाने से मुंह, गर्दन, गुर्दे, पित्त की थैली के कैंसर होते हैं। बचाव के लिए चिकित्सक तंबाकू निर्मित सामग्री का पूरी तरह से उपयोग बंद करने की सलाह दे रहे हैं।

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केस दर्ज भी कराया
एफएसडीए के सहायक आयुक्त खाद्य शशांक त्रिपाठी ने बताया कि लैब की जांच में गुटखा-पान मसाला घटिया और नकली मिले। जांच में कई खतरनाक रसायन मिले, इसे सेहत के लिए खतरनाक बताया। विक्रेता के खिलाफ केस दर्ज कराया और जुर्माना भी लगाया।

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धीमे जहर के समान
एसएन मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुरभि गुप्ता ने बताया कि तंबाकू, पान मसाला, गुटखा में 65 से अधिक खतरनाक रसायन होते हैं। अगर ये नकली हैं तो समझ लीजिए कि ये धीमा जहर है। इससे मुख, गर्दन, गुर्दा, पित्त की थैली के कैंसर का कई गुना खतरा बढ़ जाता है। ओपीडी में ऐसे कैंसर के 80 फीसदी मरीज इन्हीं के आ रहे हैं। 25-30 साल की उम्र के भी करीब 5 फीसदी कैंसर के मरीज हैं।

 
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