कुत्तों के ताजमहल में घुसने से रोकने के लिए ताजमहल के पूर्वी व पश्चिमी दोनों गेटों पर बैरिकेडिंग के साथ एक-एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं बंदरों की रोकथाम के लिए भी जल्द रणनीति तैयार होगी।
ताजमहल परिसर में आवारा कुत्ते भी घुस जा रहे हैं। वहीं बंदरों की संख्या में दिनों दिन बढ़ रही है। बंदर और कुत्तों से पर्यटक भी परेशान होते हैं। इससे परेशान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने फिलहाल कुत्तों की रोकथाम के लिए बैरिकेडिंग व गार्ड सतर्क कर दिए हैं। बंदरों के लिए जल्द ही नगर निगम व वन विभाग के साथ मिलकर रणनीति बनाई जाएगी।
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अधीक्षण पुरातत्वविद आरके पटेल ने बताया कि जब ताज के भीतर भीड़ ज्यादा हो जाती है तो कुत्ते भीड़ के पीछे अंदर घुस जाते हैं। कुत्तों के ताजमहल में घुसने से रोकने के लिए ताजमहल के पूर्वी व पश्चिमी दोनों गेटों पर बैरिकेडिंग के साथ एक-एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। इनकी जिम्मेदारी होगी की चाहे कितनी भी भीड़ हो, कुत्ते ताजमहल के अंदर प्रवेश नहीं कर पाएं।
इसके साथ ही नगर निगम की टीम भी अभियान चलाकर ताजमहल के आसपास के क्षेत्र से कुत्तों और घुमंतू गोवंश को पकड़ेगी। पटेल का कहना है कि बंदरों की समस्या भी ताजमहल पर अधिक हो गई है। बंदरों को परिसर में आने से रोकना मुश्किल है। इसके लिए वन विभाग और नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर जल्द रणनीति बनाई जाएगी।