गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) रजिस्ट्रेशन के लिए आईडी एक्टिवेशन में आगरा पूरे प्रदेश में पहले नंबर पर है। पूरे सूबे में वाणिज्य कर विभाग के 20 जोन में आगरा 82.72 फीसदी आईडी एक्टिवेशन के साथ अव्वल रहा है। हालांकि जीएसटी नेटवर्क पर रजिस्ट्रेशन की रफ्तार अभी बेहद धीमी है, जिसे 15 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
वैट में पंजीकृत व्यापारियों को जीएसटी पोर्टल पर नामांकन कराने के लिए दिसंबर में अभियान चलाया गया। प्रदेश में जीएसटीएन के लिए हुए नामांकन की आईडी एक्टिवेशन के मामले में आगरा पहले नंबर पर आ गया है। प्रदेश में एक्टिवेशन 75.56 फीसदी है, लेकिन आगरा में यह 82.72 प्रतिशत है।
आगरा जोन में वैट में पंजीकृत व्यापारियों में 30,981 में से 25628 व्यापारियों की प्रोविजनल आईडी एक्टिव हो चुकी हैं। करीब 5353 व्यापारियों की आईडी एक्टिव होनी बाकी है। जिन व्यापारियों के एक्टिवेशन हो चुके हैं, वह जीएसटी पोर्टल पर डिजिटल साइन कर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। हालांकि व्यापारी आईडी एक्टिव होने के बाद भी जीएसटीएन पर रजिस्ट्रेशन नहीं करा रहे। महज 2.5 फीसदी व्यापारी ही प्रदेश में रजिस्टर्ड हैं। आगरा जोन में महज 624 ने एनरोलमेंट कराया है, जबकि नोएडा एनरोलमेंट में पहले नंबर पर है।
जोन एक्टिवेशन प्रतिशत
आगरा 82.72 %
गोरखपुर 81.63 %
गाजियाबाद 80.53 %
लखनऊ 78.90 %
फैजाबाद 78.87 %
अलीगढ़ 78.64 %
वाराणसी 78.63 %
मेरठ 77.81 %
सहारनपुर 77.37 %
लखनऊ-2 75.74 %
‘जिन व्यापारियों की प्रोविजनल आईडी एक्टिव हो चुकी हैं, उनका रजिस्ट्रेशन जीएसटीएन में कराने के लिए तेजी से प्रयास किए जाएंगे। 15 मार्च तक ज्यादा से ज्यादा रजिस्ट्रेशन कराने का प्रयास होगा।’
पीके सिंह, एडीशनल कमिश्नर ग्रेड-1
बिना बिल की 21 लाख रुपये की चांदी पकड़ी
आगरा। मार्च शुरू होते ही टारगेट पूरा करने की कवायद में वाणिज्य कर विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने 21 लाख रुपये की चांदी पकड़ी। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन पीके सिंह ने बताया कि लखनऊ से आ रही बस में टूंडला के पास हुई चेकिंग के दौरान चांदी पकड़ी गई, वहीं दूसरे मामले में मथुरा से फिरोजाबाद जा रही बस में रामबाग के पास चेकिंग में भी चांदी मिली। इसमें बिना बिल के चांदी की सिल्ली और पायलें थीं। 21 लाख रुपये की चांदी पर 8.4 लाख रुपये जुर्माना जमा कराया गया।