आगरा क्षेत्र का लक्ष्य 1350 करोड़ रुपये था, जो अब तक 680 करोड़ रुपये प्राप्त किया जा चुका है। पर्यटन और जूता निर्यात पर कोरोना के असर के कारण संग्रह 55 फीसदी तक ही हो पाया है। कुछ प्रयास करके लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। शिशिर झा के मुताबिक मेडिकल क्षेत्र, नर्सिंग होम, ऑन लाइन कंपनियों, ऑटोमोबाइल सेक्टर से अच्छा टैक्स मिला है।
45 हजार नए आयकरदाता जुड़े
आयकर विभाग को इस साल 45 हजार नए आयकरदाता मिले हैं। प्रधान मुख्य आयुक्त शिशिर झा के मुताबिक साल 2019-20 में आगरा क्षेत्र में 11.80 लाख आयकर रिटर्न थे, जो 2020-21 में बढ़कर 13.10 लाख हो गए। 2021-22 में 21 दिसंबर तक 13.55 लाख आयकर रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं और 303 करोड़ रुपये का रिफंड आयकरदाताओं को भेजा जा चुका है।
31 दिसंबर तक दाखिल करें आयकर रिटर्न
नौकरीपेशा और पेंशनरों के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर तक है। कर निर्धारण वर्ष 2021-22 से आयकरदाताओं को रिटर्न भरने में पुरानी और नई व्यवस्था में किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जा रहा है।
टैक्स विशेषज्ञ दीपक माहेश्वरी ने बताया कि आय का स्रोत व्यापार है तो एक बार नई कर व्यवस्था अपना ली तो पुरानी व्यवस्था में दोबारा नहीं आ पाएंगे। पुरानी व्यवस्था में धारा 80सी, 80डी आदि समेत कई प्रकार की छूट मिलती है, जिससे कर दायित्व कम हो जाता है।
नई व्यवस्था में कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी, लेकिन इसमें टैक्स दरें कम हैं। रिटर्न में इनमें से किसी एक का चुनाव करना होगा। अगर किसी करदाता का टीडीएस काटा जाता है तो पैन नंबर अवश्य दें।