कासगंज। गंगावन और भागीरथी वन के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाने की योजना को लेकर तय किया गया पौधरोपण का लक्ष्य पिछले साल भले ही पिछड़ गया हो, लेकिन अब दोबारा योजना बनाकर पुराने लक्ष्य को पूरा करने की तैयारी है। वन विभाग ने प्रस्ताव जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया तो इसको मंजूरी दे दी गई। भूमि उपलब्ध कराने का जिम्मा ग्राम पंचायत और राजस्व विभाग को सौंपा है।
गंगावन और भागीरथी वन के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाने की योजना पिछले साल पौधरोपण लक्ष्य में शामिल की गई थी, लेकिन पर्याप्त जमीन न मिल पाने और अन्य कारणों से यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। इस दौरान कॉरिडोर का प्रस्ताव प्रक्रिया में रहा। अब जब नए मानसून सत्र के लिए शासन स्तर से लक्ष्य निर्धारित हो गया है तो फिर से ग्रीन कॉरिडोर की प्रक्रिया शुरू हुई है। डीएम हर्षिता माथुर ने ग्रीन कॉरिडोर बनाए जाने को मंजूरी दे दी है। इस कॉरिडोर के लिए जमीन उपलब्ध कराए जाने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग और कॉरिडोर से सटी ग्राम पंचायतों की रहेगी। डीएम से मंजूरी मिलने के बाद वन विभाग ने तैयारी भी शुरू कर दी है।
आंकड़े की नजर से-
- तीन ग्राम पंचायतों के बीच से गुजरेगा कॉरिडोर।
- 25 लाख पौधे नए मानसून सत्र में रोपे जाने का निर्धारित हुआ है लक्ष्य।
- 7.50 लाख पौधे रोपने का वन विभाग को मिला है लक्ष्य।
- 28 अन्य विभाग भी पौधरोपण में करेंगे सहयोग।
- ग्रीन कॉरिडोर को डीएम ने मंजूरी दे दी है। इस कॉरिडोर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित किए जाएंगे। जमीन तलाशने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग और ग्राम पंचायतों की है। जिलाधिकारी के निर्देशन में काम किया जाएगा। - हरि शुक्ला, डीएफओ।