माई सिटी रिपोर्टर
आगरा। जिस शहर में कभी जंजीर से न्याय मिलता था। बादशाह जहांगीर का दरबार सजता था, जिसके दरवाजे फरियादियों के लिए हमेशा खुले रहते थे। उस शहर में अब समस्याएं हजार हैं, लेकिन, डीएम आॅफिस में भी सुनवाई आसान नहीं रही। यहां गुहार लगाने वालों के लिए गेट बंद है। ऐसे में आम आदमी अब जाए तो जाए कहां और कहां न्याय के लिए गुहार लगाए।
डीएम कार्यालय परिसर में ज्ञापन, धरना व प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। डीएम कक्ष की तरफ जाने वाले रास्ते का गेट भी बंद हो गया है। यहां 4 से 6 होमगार्ड तैनात किए गए हैं, जो हर आने वाले को रोकते हैं। फरियादियों से आने की वजह पूछते हैं। वर्दी में भाषा की शालीनता तक भूल जाते हैं। ऐसे में विभिन्न समस्याओं को लेकर जाने वाले संगठन, संस्था और लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। धरने की इजाजत नहीं।
उधर, संजय प्लेस स्थित विकास भवन में भी धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन देने वालों के लिए चेतावनी बोर्ड लगा दिया गया है। इधर, सदर तहसील में जो धरना स्थल था, वहां स्टैंड लग रहा है।