कुछ बोरियों में सिरिंज, रैपर, बोतल समेत अन्य मेडिकल वेस्ट थे। एक बोरी में चूने से बने दांत के आकार मिले। बोरियों के पास ही एक-दो पैथोलॉजी लैब के पर्चे भी मिले, उस पर नाम स्पष्ट नहीं था। सभी की रिपोर्ट बनाई गई है।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ बोरियों में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश की सरकारी दवाएं मिली हैं। इनकी रिपोर्ट बनाई है, बाकी के मेडिकल वेस्ट को निस्तारित करने के लिए मेडिकल वेस्ट कंपनी को लिखा है। संबंधित राज्यों को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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पकड़ा गया था गैंग
कमला नगर के तेज नगर निवासी पंकज गुप्ता और जयपुरिया गैंग भी नशे की दवाओं और सरकारी दवाओं की कालाबाजारी करते थे। 2021 में इसके गैंग को पकड़ा गया था। गोदाम से मध्यप्रदेश, हरियाणा समेत आसपास के राज्यों की सरकारी दवाएं बरामद हुई थीं। गैंग के 17 सदस्य पुलिस ने पकड़े थे। 6 करोड़ से अधिक की संपत्ति भी कुर्क की थी।
फिर से पैकिंग कर खपाने का भी खेल
सरकारी दवाओं की कालाबाजारी
जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा का कहना है कि आगरा में नकली, नारकोटिक्स की दवाएं समेत सरकारी दवाओं की भी दवा माफिया कालाबाजारी कर रहे हैं। दूसरे राज्यों से कैसे आगरा आती हैं और इनकी बिक्री होती है, औषधि विभाग भी इनके सामने फेल है। मुख्यमंत्री को सीबीआई से जांच कराने के लिए पत्र लिखेंगे।