केदारनाथ सेकसरिया गर्ल्स इंटर कालेज में बुधवार दोपहर यकायक छत टूटने से एक छात्रा पटिया समेत नीचे आ गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई। कालेज प्रशासन ने हद दर्जे की लापरवाही का परिचय देते हुए घायल छात्रा को इलाज के लिए अस्पताल भेजने की जगह घर भेज दिया।
इससे आक्रोशित परिजनों ने कालेज के बाहर हंगामा किया। परिजनों ने छात्रा कएसएन मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया, यहां इलाज के बाद शाम को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। डीआईओएस ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
मामला बुधवार को दोपहर 12 बजे का है। दूसरी मंजिल के कमरा नंबर 37 में कक्षा आठ की चित्रकला की कक्षा चल रही थी। इसी बीच छात्रा अपनी सीट से खड़ी हुई तो यकायक छत का एक हिस्सा नीचे आ गिरा। इसी के साथ छात्रा मलबे के साथ 12 फीट की ऊंचाई से नीचे आ गिरी।
इससे छात्रा के हाथ, पैर और कमर में चोटें आई। छत गिरने के साथ ही कक्षा में हड़कंप मच गया। सभी किताब-कापी छोड़कर बाहर को दौड़ पड़े। कालेज प्रशासन को पता चला तो उसने आननफानन में कमरे में ताला लगवा दिया और स्कूल की छुट्टी कर दी। घायलावस्था में ही छात्रा को चपरासी के साथ भेजकर घर छुड़वा दिया।
बेलनगंज निवासी छात्रा के पिता मनोज कुमार को पता चला तो परिजनों के साथ कालेज पहुंचे, लेकिन यहां ताला लगा देख हंगामा किया। छात्रा को ढाई बजे एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी विभाग में भर्ती कराया। सूचना पर डीआईओएस द्वितीय राजेंद्र बाबू अस्पताल पहुंचे और छात्रा का हाल जाना।
मामले में डीआईओएस वीके राय ने बताया कि सत्र शुरू होने से पहले सभी कालेजों को नोटिस देकर जर्जर भवनों में कक्षाएं नहीं चलाने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद ऐसा किया। यह घोर लापरवाही है, जांच डीआईओएस द्वितीय राजेंद्र बाबू को सौंपी है।