आगरा के कस्बा बरहन में झोलाछाप के इंजेक्शन से निमोनिया पीड़ित बच्ची की मौत हो गई। मृत बच्ची को लेकर परिजन झोलाछाप के पास लौटकर पहुंचे, तो उसमें सांस बताकर आगरा ले जाने को कह दिया। परिजनों के वहां से हटते ही झोलाछाप दुकान बंद कर भाग गया। इस पर परिजनों ने हंगामा किया। पीड़ित थाने में झोलाछाप के खिलाफ तहरीर देने की तैयारी कर रहे हैं।
हाथरस के सहपऊ निवासी जितेंद्र कुमार अपनी ससुराल बरहन के नगला बीरी में पत्नी और बच्ची काजल (ढाई महीना) के साथ आए हुए थे। बच्ची की तबियत खराब होने पर मंगलवार की दोपहर आंवलखेड़ा मार्ग स्थित झोलाछाप विनय चौधरी की दुकान पर ले गया।
जितेंद्र ने बताया कि झोलाछाप ने बच्ची को निमोनिया बताकर इंजेक्शन और भाप लगाई। तीन-चार सीरप पिला दिए और बाकी की डोज घर पिलाने के लिए कह दिया। दवाओं के अतिरिक्त भाप लगाने के 300 रुपये भी वसूले। घर पहुंचते ही बच्ची की तबीयत और बिगड़ गई।
परिजनों ने वहीं सीरप पिला दिए, जो झोलाछाप के दिए थे। इसके तुरंत बाद बच्ची की मौत हो गई। इस पर वो लौटकर झोलाछाप की दुकान पर गए तो उसने बताया कि इसमें सांस है आगरा ले जाओ। परिजनों के यहां से हटते ही झोलाछाप दुकान बंद कर भाग गया। परिजनों को हकीकत समझ में आई तो उन्होंने हंगामा किया।