गर्भावस्था में महिलाएं मधुमेह की गिरफ्त में तेजी से आ रही हैं। सामान्य महिला रोगी के मुकाबले जेस्टेशनल डायबिटीज (गर्भावस्था में होने वाला मधुमेह) रोगियों की संख्या दोगुनी से अधिक है। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में जेस्टेशनल डायबिटीज की जांच अनिवार्य कर दी गई है।
आगरा के लेडी लायल में औसतन हर महीने 150-180 गर्भवती महिलाओं की मधुमेह की जांच हो रही है। इसमें से 18 से 40 जेस्टेशनल डायबिटीज के मरीज पाए गए। सामान्य महिलाओं में 16 से 20 मरीज मधुमेह के मिले।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. बीके अग्रवाल बताते हैं कि गर्भावस्था के दौरान हार्मोंस बनने पर ग्लूकोज बनता है, इससे शुगर लेवल बढ़ जाता है। इसके कारण 16 फीसदी तक महिलाएं जेस्टेशनल डायबिटीज की चपेट में आ जाती हैं।