प्यार कभी बूढ़ा नहीं होता। तभी तो उम्र ढल जाए फिर भी मोहब्बत दिलों को जवां रखती है। जब दो प्यार करने वाले मोहब्बत की सबसे खूबसूरत निशानी के साए में आ जाएं तो 60 की उम्र पार करने वालों के लिए एक बार फिर से ये सेलीब्रेशन बनता है।
बता दें कि शुक्रवार के जर्मनी के आईटी विशेषज्ञ कार्स्टेन और उनकी शिक्षिका पत्नी क्रिस्टीन प्रेम के प्रतीक ताजमहल में अपनी शादी की 40 वीं सालगिरह मनाने आए। लेकिन, शुक्रवार को पर्यटकों के लिए ताजमहल बंद होने के कारण वे मोहब्बत की इस निशानी का दीदार नहीं कर सके।
फिर भी अपने होटल की छत से दुनिया के सातवें अजूबे को देखकर इस कदर खो गए कि उन्होंने सालगिरह को यादगार बनाने के लिए ताजमहल के सामने फिर से शादी रचा ली।
और तो और उन्होंने यह शादी भारतीय संस्कृति के मुताबिक रचाई। भारतीय परिधानों में सजे-संवरे अपने मित्रों के सामने जर्मन पर्यटकों ने शादी रचाने के बाद एक दूसरे को ताज की प्रतिकृति भेंट की।