सहायक स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि राजधानी के इंजन में सांड़ के फंस जाने से राजधानी स्टेशन पर 30 मिनट खड़ी रही। इंजन से सांड़ को निकालने के बाद ही ट्रेन को रवाना किया गया। लेकिन शिकोहाबाद से निकलते ही राजधानी के इंजन में खराबी आ गई और चालक ने ट्रेन को मक्खनपुर लूप लाइन पर खड़ा कर लिया।
रेलवे सूत्रों के अनुसार यहां राजधानी करीब ढाई घंटे खड़ी रही। इससे राजधानी के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेल प्रशासन ने राजधानी में मालगाड़ी का इंजन लगाकर रवाना किया।
राजधानी के अलावा पुरुषोत्तम एक्सप्रेस और मालगाड़ी से अलग-अलग गोवंश कट गए। सूचना पर पहुंचे रेल विभाग के कर्मचारी और गौरक्षादल के जिलाध्यक्ष अशोक राजपूत और स्थानीय निवासी केवी यादव ने सभी गोवंश को दफन कराया।
राजधानी समेत अन्य गाड़ियों की चपेट में आने से पांच गोवंश की मौत के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर गोवंश ट्रैक पर कैसे पहुंचा? गोवंश को ट्रैक से क्यों नहीं हटाया गया।
अगर रेल प्रशासन की यही लापरवाही चलती रही तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं कुछ लोग कयास लगा रहे हैं कि गोवंश को किसानों ने खेतों से निकालकर भगाया तो वो रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया।