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दिल्ली और हरियाणा के 16 बदमाश धर्मनगरी में कर रहे अपराध, तलाश में जुटी पुलिस

Mon, 21 Jan 2019 06:21 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pexels.com
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मथुरा में दिल्ली और हरियाणा के 16 कुख्यात अपराधियों ने गैंग बना लिए हैं। इनमें आगरा, हाथरस, अलीगढ़ के बदमाश भी शामिल किए गए हैं। इनमें छह शॉर्प शूटर हैं। यह सभी एसटीएफ की रडार पर आ गए हैं। 
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इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। सर्विलांस से जो इनपुट मिल रहा है उसके मुताबिक यह हर रोज अपनी लोकेशन बदल रहे हैं। अभी तक जो इनका नेटवर्क सामने आया है उसके मुताबिक बार्डर वाले इलाकों में वारदात करके आसानी से फरार हो जाते हैं। 

मथुरा में पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 37 गैंग हैं। 19 गैंग ऐसे हैं, जिनमें बाहरी बदमाश भी शामिल हैं। हरियाणा, दिल्ली के साथ ही मध्यप्रदेश के बदमाश भी इन गैंग में शामिल होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। 
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16 बदमाश रडार पर

हरियाणा में मेवात के बदमाशों ने तो कई गैंग में अपनी जगह बना रखी है। साहून गैंग में तो अधिकांश बदमाश दिल्ली और मेवात हरियाणा के ही हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश में अलीगढ़, मेरठ, सहारनपुर और आजमगढ़ के बदमाश भी उसके गैंग में हैं। 

खास बात यह है कि दूसरे राज्य और जिलों के जो बदमाश मथुरा में गैंग बनाकर वारदात कर रहे हैं उनके बारे में कोई ठोस जानकारी पुलिस के पास नहीं है। एसटीएफ की रडार पर जरूर 16 बदमाश आ गए हैं। 

एसटीएफ ने सर्विलांस के जरिए कई दफा इनकी लोकेशन को ट्रेस किया, लेकिन हर बार यह लोकेशन बदलने में कामयाब रहे। एसपी क्राइम राजेश सोनकर का कहना है कि सभी गैंग रजिस्टर्ड हैं। दूसरे जिलों के बदमाशों को वहां की पुलिस की मदद से तलाश किया जा रहा है। 
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जरायम की दुनिया में नामों का खौफ 

उन्होंने कहा कि पुलिस की निगाह से कोई बच नहीं सकेगा। गिरफ्तारी को लगातार दबिश दी जा रही है। कई गैंग के अधिकांश बदमाशों को गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया गया है। जिससे वह गिरोह ही खत्म हो गए हैं।   

जरायम की दुनिया में नामों का खौफ है। बदमाशों के ऐसे ऐसे नाम की सुनने भर से दहशत फैल जाए। अधिकांश बड़े बदमाशों के उपनाम हैं। इनके उपनाम इतने फेमस हो गए हैं कि पुराना नाम ही सब भूल गए। उपनाम से ही इन्हें पुकारा जाता है। पुलिस के रिकार्ड में भी उपनाम ही चल रहे हैं। 

जैसे भाई, यमराज, अन्ना, वेदो, रंगा, बिल्ला, लंबू भाई, जग्गो, बादशाद, सुपारी, कालिया, डॉन, नन्हें उस्ताद हैं। इनमें किसी के ऊपर 25 मुकदमे हैं तो किसी के ऊपर बीस। ऑटो लिफ्टर, जहरखुरान, लुटेरे और हाईवे के लुटेरे के नाम से इन सभी के गैंग पंजीकृत हैं। इनमें कई बदमाशों पर पांच हजार से तीस हजार तक का इनाम घोषित है। गैंगेस्टर लग चुका है। जिला बदर बदमाशों की संख्या भी 32 है।
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