अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों के गैंग के सदस्य ने आगरा के एक व्यापारी के खाते से 77 लाख रुपये की रकम उड़ा ली थी। ये रकम बैंक का पंजीकृत नंबर बदलकर निकाली गई। साइबर थाना पुलिस ने आरोपी को मुंबई से दबोचा है।
आगरा साइबर थाने की पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों के गैंग के एक सदस्य आफताब खुर्शीद खान को मुंबई से गिरफ्तार किया है। गैंग ने हरीपर्वत क्षेत्र के व्यापारी निमित मगन के बैंक खाते से लिंक पंजीकृत मोबाइल नंबर को बदलवाकर 77.93 लाख रुपये निकाल लिए। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई थी, उसकी जानकारी लेकर पुलिस आरोपी तक पहुंची। 70 लाख रुपये से सोना खरीदा गया था। रकम बरामद नहीं होने पर खातों को फ्रीज किया गया।
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एसीपी हरीपर्वत आदित्य सिंह ने बताया कि आफताब खुर्शीद खान महाराष्ट्र स्थित जिला थाणे में गुलशन अपार्टमेंट का है। उससे एक मोबाइल और फर्जी दस्तावेज मिले हैं। 7 और 8 जुलाई को सूर्या नगर निवासी निमित मगन के खाते से रकम निकाली गई थी। साइबर थाना पुलिस ने विवेचना की। पता चला कि व्यापारी की कंपनी श्रौफ सेल्स कॉरपोरेशन के बैंक खाते में पंजीकृत मोबाइल नंबर को बदलवा दिया गया था।
इससे व्यापारी के नंबर पर ओटीपी और कॉल नहीं आए। ईमेल आईडी को भी हैक कर लिया गया। रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। मुंबई में दो ज्वेलरी शॉप से 30 लाख और 40 लाख का सोना खरीदा गया था। पुलिस ने दो लोगों के फुटेज मिल गए थे। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। अभी दो मास्टरमाइंड और एक अन्य फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी है।
वर्चुअल नंबर से बात करता है मास्टरमाइंड
एसीपी ने बताया कि गैंग के मास्टरमाइंड दो लोग हैं। वह बिहार और यूपी के जिलों में सक्रिय रहते हैं। होटलों में रुकते हैं। अपने सदस्यों से वर्चुअल नंबर से बात करते हैं। पुलिस को लोकेशन नहीं मिल पाती है। व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप पर बैंकों के ग्राहकों का डाटा मंगाते हैं। जिन खातों में अधिक रकम होती है, उसको चिह्नित कर संबंधित बैंक को ईमेल करते हैं।
करीब 10 खातों में रकम को ट्रांसफर करने के बाद ज्वेलरी शॉप से सोना की खरीदारी अपने एजेंट के माध्यम से कराते हैं। एजेंट को 10 फीसदी तक रकम जेवरात खरीदने पर दी जाती है। सोना खरीदने के बाद गायब कर देते हैं। पुलिस जब आरोपियों को गिरफ्तार करती है तो उनके खाते में कुछ नहीं होता है। सरगना भी एजेंट के संपर्क में नहीं होता है।
आईटीआई पास है आरोपी
आफताब ने पुलिस को बताया कि वह 12वीं पास है। आईटीआई भी किया है। उसकी मोबाइल की दुकान है। मेडिकल की दुकान पर भी काम करता है। वह गैंग की संपर्क में 6 महीने पहले आया था। उसने अपने नाम से भी खाते खुलवाए थे। जेवरात खरीदने गया था। उसका एक साथी भी था। उसके साथी कई व्यापारियों के खाते में सेंध लगा चुके हैं। उनके खातों से 80 लाख तक का लेन-देन मिला है। पुलिस ने 10 खातों को फ्रीज कराया है।
बड़े सराफ से संपर्क करते हैं आरोपी
साइबर अपराधियों का गैंग बड़े सराफ से संपर्क करता है। उनकी दुकान में जाकर खुद को व्यापारी बताते हैं। कहते हैं कि उन्हें अधिक कीमत का सोना खरीदना है। ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा।