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एटा: भाई की फिरौती में बहन से जबरन शादी और सामूहिक दुष्कर्म, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत, सीबीसीआईडी ने शुरू की विवेचना

Sat, 22 Jan 2022 12:18 AM IST
Abhishek Saxena संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

बेटे की जान बचाने के लिए पिता एक जुलाई 2019 को अपनी नाबालिग बेटी को शादी के लिए आमोद के पास लेकर गया। आरोप है कि आमोद ने तमंचे के बल पर नाबालिग के साथ जबरन शादी की। जिसके बाद उसने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म किया।
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विस्तार
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एटा के जैथरा में जुलाई 2019 में एक बालक के अपहरण के बाद फिरौती के रूप में उसकी बहन से जबरन शादी की गई। इसके बाद दो लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। भाई को छोड़ दिया गया। मामले में पुलिस ने तीन दिन बाद मुकदमा दर्ज किया। चार आरोपियों की गिरफ्तारी में भी एक साल से अधिक लगा दिए। मामले में पुलिस की लापरवाही पर पीड़ित ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत की। आयोग ने रिपोर्ट तलब की। पुलिस की रिपोर्ट से संतुष्ट न होने पर सीबीसीआईडी आगरा को पुन: विवेचना और मुकदमे में देरी की जांच कर रिपोर्ट मांगी है। सीबीसीआईडी ने जांच शुरू कर दी है।

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मामले के अनुसार एटा का एक व्यापारी का परिवार दिल्ली में रहता है। व्यापारी ने किराये पर चलाने के लिए एक कार खरीदी। इसमें चालक के रूप में कासगंज के पटियाली निवासी आमोद यादव को रखा। जून 2019 में व्यापारी परिवार सहित एटा अपने गांव आए थे। आरोप लगाया गया कि चालक ने बहाने से व्यापारी और उनके बेटे को बुलाया। बेटे को खिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। 
चालक और उसके पिता ने अपहरण कर लिया। उसको छोड़ने के लिए नाबालिग बेटी से शादी कराने को कहा। इस पर व्यापारी ने एक जुलाई 2019 को बेटी की शादी करा दी। आरोप है कि आमोद ने अपने साथी के साथ बेटी से दुष्कर्म किया। बेटे को छोड़ दिया था। व्यापारी और उसकी पत्नी को आरोपी ने भगा दिया। 
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चार दिन बाद लिखा था मुकदमा
पीड़ित व्यापारी ने दो जुलाई को थाना मिरहची में की। पीड़ित को थाना जैंथरा भेजा गया। यहां भी चार जुलाई को चालक आमोद सहित चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पहले पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगाई। पहले दो आरोपी पकड़े गए। इस पर पीड़ित ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत की। इसमें पुलिस की लापरवाही का उल्लेख किया। इस पर रिपोर्ट तलब की गई। पिछले साल पुलिस ने दो और आरोपी पकड़ लिए। चारों को जेल भेजा गया। मामला संज्ञान में आने पर मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट तलब की। पुलिस ने रिपोर्ट लगाई। मगर, आयोग ने पुन: विवेचना और मुकदमा देरी से लिखने की विवेचना सीबीसीआईडी आगरा को सौंपी है। इसकी रिपोर्ट जल्द भेजने को लिखा है।
एटा के सामूहिक दुष्कर्म मामले की विवेचना मिली है। मुकदमा देर से लिखने का आरोप लगाया गया है। इसको भी देखा जा रहा है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। इसके बाद रिपोर्ट भेजी जाएगी। पुलिसकर्मियों और पीड़ित के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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असीम चौधरी, एसपी, सीबीसीआईडी

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