चर्चित जालसाज शैलेंद्र के अलावा पकड़ी गई है लेडी नटवरलाल
पिछले वर्ष केदारनगर से भी एक सराफ करोड़ों लेकर हुआ था फरार
शहर में अभी रीयल एस्टेट कारोबार में फंसे हैं लोगों के करोड़ों रुपये
शाहगंज में लोगों को मोटी ब्याज का झांसा देकर अपने जाल में फंसाने वाले सराफ की तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी है, लेकिन दो आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाए हैं। ब्याज के नाम पर लोगों के साथ ठगी करने का सिलसिला शहर में नया नहीं है। सबसे चर्चित मामला जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल का है जो अभी जेल में हैं। लेकिन लोगों ने इससे भी सबक नहीं लिया।
यही नहीं पिछले वर्ष थाना सदर के डिफेंस कालोनी में एक लेडी नटवर लाल अपना नेटवर्क चला रही थी, जो लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये की ठगी कर फरार हुई थी। यह महिला भी लोगों को मोटी ब्याज दिलाने और वीसी (लाटरी) के नाम पर पैसा लेती थी। इस महिला ने करीब 150 परिवारों को अपना शिकार बनाया था। इनमें अधिकांश परिवार रिटायर्ड फौजियों के थे।
पिछले वर्ष केदार नगर में एक सराफ पकड़ा गया था। श्यामसुंदर वर्मा की कन्हैया लाल एंड संस ज्वैलर्स के नाम से फर्म थी। 11 फरवरी को श्याम सुंदर, उसका भाई महेश, बेटे बृजेश, जगमोहन और मनीष लोगों के करोड़ों रुपये और जेवरात लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने इन्हें मुंबई से गिरफ्तार किया था। ब्याज पर रुपये लेने के अलावा गहने भी गिरवी रखते थे।
नौकरी और फ्लैट दिलाने के नाम पर तो गई मामले प्रकाश में आए हैं। माईथान में एक युवक यूके में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 20 लाख रुपये ठग कर ले गया। ईएमआई फ्री कार दिलाने के नाम पर भी शहर में करोड़ों रुपये का फ्रॉड हो चुका है। रीयल एस्टेट कारोबार में भी लोगों ने पैसा लगा रखा है। यहां तमाम बिल्डरों ने मोटी ब्याज पर रकम उधार ली है।