सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि नगला चुचाना में देव हेल्थकेयर की फैक्टरी से साइपो-टीआर, साइप्रोडिन सिरप की तैयार 138 बोतलें पकड़ी गई थीं। इनमें साइपो-टीआर 200 एमएल 130 रुपये और साइप्रोडिन सिरप 200 एमएल पर 125 रुपये की एमआरपी दर्ज थी। ये भूख बढ़ाने के लिए बेचे जा रहे थे। फैक्टरी में एसेंस, रिफाइंड, चीनी, ग्लूकोज समेत अन्य सामग्री से बनाने के कारण लागत महज 10 या 12 रुपये आती थी। सबसे बड़े खरीदार झोलाछाप और कस्बों और शहरों के छोटे मेडिकल स्टोर हैं। वो इसे 35 या 40 रुपये में खरीदते और एमआरपी पर बेचते थे। ऐसे 8 दुकानदार और झोलाछाप चिह्नित किए हैं। ये बिल से प्रोडक्ट खरीदते थे या फिर बिना बिल के, इसकी जांच की जा रही है।
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