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बीएसएफ जवान की अंतिम यात्रा में शामिल हुए सैकड़ों लोग, नम आंखों से दी विदाई

Sun, 29 Dec 2019 11:10 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
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बीएसएफ जवान को अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
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भारत-पाकिस्तान सीमा पर करंट लगने से जनपद कासगंज निवासी बीएसएफ जवान की मौत के बाद उनका शव रविवार को उसके गांव कल्यानपुर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। सैकड़ों लोग सैनिक को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़े। प्रशासन और पुलिस के अफसरों के साथ नेताओं ने जवान को श्रद्धांजलि दी। 
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कोतवाली क्षेत्र के गांव कल्यानपुर निवासी रामसेवक पचौरी पुत्र राधेश्याम पचौरी सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) की 181 पंजाब बटालियन में तैनात थे। शुक्रवार को भारत-पाक की सीमा पर फाजिल्का पर मुस्तैदी के दौरान बिजली करंट लगने से उनकी मौत हो गई। जवान के तीन अन्य साथी भी झुलस गए थे। 

रविवार को बीएसएफ 181 पंजाब बटालियन के इंस्पेक्टर नवराज सिंह के नेतृत्व में सेना की टुकड़ी जवान का शव लेकर गांव कल्यानपुर पहुंची। यहां अंतिम दर्शन के लिए शव को रखा गया। सदर विधायक देवेंद्र राजपूत, तहसीलदार अजय कुमार, कोतवाली प्रभारी दिनेश दुबे समेत गांव और आसपास के सैकड़ों ग्रामीण भी जवान को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। 
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सेना के जवानों ने दी सलामी

सैनिक का शव अंत्येष्टि के लिए तीर्थनगरी सोरों के मोक्षस्थली धाम ले जाया गया। यहां सेना के जवानों ने सलामी दी। सेना के अधिकारियों ने पुष्प चक्र अर्पित किए। इस दौरान एसडीएम ललित कुमार, सीओ रामकृष्ण, सोरों कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह ने भी पुष्प चक्र चढ़ाए। पिता की चिता को पुत्र राहुल ने मुखाग्नि दी। 

जवान रामसेवक के पिता राधेश्याम पचौरी उस समय बेहद द्रवित हो उठे जब पुत्र की पार्थिव देह से उतारकर तिरंगा ध्वज उनके हाथों में सौंपा गया। वो फफक कर रो पड़े। वहीं रामसेवक की पत्नी राजेश देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। 

शहीद के परिवार में दो बेटी और एक बेटा है। एसडीएम ललित कुमार ने कहा कि प्रशासन मानवीय आधार पर जवान के परिवार की मदद करेगा। राज्य सरकार की ओर से भी आर्थिक सहायता दी जाती है।
 
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