पीड़ित के पास फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बनकर कॉल किया था। इसके बाद चार महीने में चार बार में करीब 19 हजार की रकम जमा कराई। जब पीड़ित फाइनेंस कंपनी के कार्यालय पहुंचा, तो सच सामने आया।
साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति को शिकार बना लिया। फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बनकर कॉल किया। इसके बाद ऋण दिलाने का झांसा दिया। चार बार में 19 हजार रुपये जमा करा लिए। इसके बावजूद रुपयों की मांग की। शक होने पर पीड़ित ने कंपनी के ऑफिस में जाकर पता किया। तब धोखाधड़ी का पता चला। मामले में चार महीने बाद मुकदमा दर्ज किया गया है।
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दहतोरा निवासी विनोद राजपूत ने मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि पांच महीने पहले उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति ने कॉल किया। खुद को बजाज फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताया। कहा कि आसान तरीके से लोन दिला देगा। इस पर उन्होंने उसकी आईडी मांगी। उसने व्हाट्स एप से परितोष विश्वास नाम की आईडी भेज दी। खुद को आगरा में तैनात बताया।
विनोद राजपूत लोन लेने के लिए तैयार हो गए। उन्हें बताया कि लोन पास हो गया है। फाइल चार्ज के रूप में 2500 रुपये देने होंगे। उन्होंने रकम जमा कर दी। उसने एक बार फिर 4522 रुपये मांगे। इसके बाद लोन क्लीयरेंस के 5130 और जीएसटी के 7300 रुपये की मांग की गई। उन्होंने यह भी जमा कर दिए। बाद में कर्मचारी ने 16 हजार रुपये की मांग की। इस पर उन्हें शक हो गया।
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विनोद राजपूत ने कंपनी के ऑफिस जाकर पता किया। इसमें पता चला कि परितोष विश्वास नाम का कोई कर्मचारी नहीं है। कागजात और आईडी फर्जी निकली। उनसे कुल 19452 रुपये ले लिए गए। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। मामले में सोमवार को थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि जांच और साक्ष्य संकलन किया जाएगा।