उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बुधवार को ताज नगरी में फेडरेशन ऑफ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के दो दिवसीय कोल्ड चेन सेमिनार में शामिल हुए। फेडरेशन ने उनके सामने कोल्ड चेन को लेकर कई मांगे रखीं, जिस पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि खेत में एक लाख करोड़ रुपए की कृषि उपज कोल्ड चेन के अभाव में बर्बाद हो जाती है।
फेडरेशन ऑफ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा दो दिवसीय ऑल इंडिया कोल्ड चेन सेमिनार के 15 वें संस्करण और प्रदर्शनी के समापन पर होटल क्लार्क शिराज में बुधवार को उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश गोयल और राष्ट्रीय समन्वयक अरविंद अग्रवाल ने उनको शीत गृह उद्योग से जुड़ी 6 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन दिया, तो उप मुख्यमंत्री ने लखनऊ में अधिकारियों के साथ बैठक कर हर समस्या का त्वरित समाधान कराने का आश्वासन दिया।
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दीप जलाकर सेमिनार के दूसरे दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में शीघ्र ही सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया जाएगा। खाद्य प्रसंस्करण नीति 2022 को और सुविधाजनक बनाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक उद्यमी, किसान और उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। उन्होंने डब्लूडीआरए में रजिस्ट्रेशन का प्रावधान होने के बावजूद रजिस्ट्रेशन न मिलने पर चिंता जताई और कहा कि इस समस्या को भी दूर करवाया जाएगा।
उन्होंने शीत गृह स्वामियों से रूबरू होते हुए कहा कि ग्रामसभा स्तर पर इस प्रकार छोटी-छोटी व्यवस्था करें जिससे किसानों के एक-एक फल और सब्जी की रक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि अभी भी एक लाख करोड़ रुपए की ऐसी कृषि उपज है जो कोल्ड चेन की व्यापक उपलब्धता और प्रोसेसिंग के अभाव में खेतों में बर्बाद हो रही है। इसे रोका जाना जरूरी है। यह पैसा किसानों को मिलेगा तो प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था समृद्ध होगी।
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सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के सेमीनार से दुनिया की तकनीक का लाभ भारत के उद्यमियों को मिलेगा। वैश्विक तकनीकों का लाभ आगे भी मिलता रहे, इस दिशा में हम भी प्रयास जारी रखेंगे। आगे कहा कि अब उत्तर प्रदेश में सुरक्षा, विकास, संसाधन और इंफ्रास्ट्रक्चर की दृष्टि से उद्योगों के लिए अच्छा माहौल है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल अपहरण उद्योग चलता था पर अब सुरक्षा से कोई समझौता नहीं है। कितना ही बड़ा अपराधी क्यों न हो, उसे अब कानून का भय सताने लगा है।