उनसे कहा कि यह चेक और डीडी अपने खाते में लगा दें। इसके बाद उनकी कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दें। इससे खाता अपडेट हो जाएगा। अगले ही दिन चेक और डीडी वापस मांग लिए। उक्त लोगों ने कहा कि एनजीओ के खाते की केवाईसी नहीं हुई है। इसलिए यह पास नहीं होंगे। इसके बाद पांच करोड़ रुपये के लिए संचालक से ही 1.20 करोड़ उनके खाते में ट्रांसफर करने के लिए कहा।
गोशाला संचालक को बताया गया कि कंपनी की ओर से इस रकम के साथ ही दान के पांच करोड़ रुपये भी दे दिए जाएंगे। संचालक ने खंदौली क्षेत्र के एक शीतगृह स्वामी के खाते से रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद से ही उक्त लोगों ने संपर्क करना बंद कर दिया। पीड़ित ने रेंज साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई है।
फर्जी आईडी से लिए थे नंबर
पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि उक्त लोगों ने जिन मोबाइल नंबर से बात की थी, वह दिल्ली के पते की आईडी पर लिए गए थे। मगर, यह आईडी फर्जी निकली। आरोपियों की लोकेशन यूपी के जिलों की आ रही है। जिस बैंक के खाते में रकम गई थी, पुलिस ने उस बैंक के मैनेजर से संपर्क किया।
इसके बाद खाते को होल्ड करा दिया। हालांकि इससे पहले ही आरोपी 12 लाख रुपये खाते से निकाल चुके हैं। एक करोड़ से अधिक रकम पीड़ितों को वापस मिलने की उम्मीद है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।